आगरा की उटंगन नदी में 13 युवकों के डूबने और पुलिस-प्रशासन की उदासीनता पर ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। 4 घंटे इंतजार के बाद भी बचाव कार्य शुरू न होने पर अपनों के लापता होने के गम से आहत ग्रामीणों ने ऊंटगिरी और कागारौल चौराहे पर हंगामा करते हुए जाम लगा दिया।
इसकी जानकारी पर पहुंचे एसीपी खेरागढ़ इमरान अहमद ने जाम खुलवाने का प्रयास किया तो ग्रामीणों से कहासुनी होने लगी। शाम करीब 7 बजे आपदा मोचन दल (एसडीआरएफ) के पहुंचने पर बचाव कार्य शुरू हुआ। इसके बाद ही ग्रामीण माने।
ग्रामीणों का कहना था कि दशहरा पर मां दुर्गा की मूर्तियों का विसर्जन किया जाना था। इसके लिए काफी समय से तैयारी चल रही थी। शहर से लेकर देहात तक विसर्जन किए जाते हैं। मुख्य स्थलों के अलावा गांव-गांव के नजदीक की नदियों में विसर्जन किया जाता है।
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गुस्साए लोगों ने लगाया जाम, ग्रामीणों को समझाते पुलिस अफसर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
स्टीमर गोताखोरों का भी नहीं था इंतजाम
पहले भी कई बार हादसे हो चुके हैं। इसके बावजूद पुलिस प्रशासन ने उचित इंतजाम नहीं किए। इसकी वजह से एक और घटना सामने आ गई। खेरागढ़ में डूबने की घटना के बाद पुलिस के पास स्टीमर गोताखोरों का इंतजाम भी नहीं था।
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गुस्साए लोगों ने लगाया जाम
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अपनों को बचाने के लिए परिजन गुहार लगाते रहे। मगर कुछ नहीं हुआ। बाद में अधिकारी भी पहुंच गए। फिर भी डूबे हुए लोगों को बाहर नहीं निकाला जा सका। शाम पांच बजे तक एसडीआरएफ के नहीं पहुंचने पर ग्रामीण सड़क पर आ गए।
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13 लोगों के डूबने पर विलाप करते परिजन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एसीपी इमरान अहमद ने ग्रामीणों को समझाया
कागारौल चौराहे और कंटगिरि चौराहे पर जाम लगा दिया। इसको जानकारी पर एसीपी इमरान अहमद पहुंच गए। उन्होंने ग्रामीणों को समझाया। कहा कि एसडीआरएफ जल्द ही रेस्क्यू ऑपरेशन चलाएगा। इस पर ग्रामीण भड़क गए।
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मौके पर पहुंचे पुलिस अफसर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
उन्होंने लापरवाही का आरोप लगाया। कहासुनी होने लगी। दो घंटे तक मार्ग पर ग्रामीण जाम लगाए रहे। शाम तकरीबन 7 बजे एसडीआरएफ पहुंच गई। तब एसीपी ने जानकारी दी। इस पर ही ग्रामीण हटे।