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Agra News: न्याय दिलाने वालों को 21 वर्ष से ‘न्याय’ की आस, लाठीचार्ज के विरोध में मनाया काला दिवस
Mon, 26 Sep 2022 07:51 PM IST
धीरेन्द्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
अमर उजाला ब्यूरो, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 26 Sep 2022 07:51 PM IST
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वकीलों ने किया विरोध प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
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उच्च न्यायालय खंडपीठ बनी न लाठीचार्ज के दोषी पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई हुई। 26 सितंबर 2001 को अधिवक्ताओं पर बर्बरता की जांच को गिरधर मालवीय आयोग का गठन किया गया। मगर, आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। 21 वर्ष बाद भी न्याय दिलाने वालों को न्याय की आस है। सोमवार को काला दिवस मनाते अधिवक्ताओं ने कई सरकारों को इसी तरह कोसा।
वकीलों ने किया विरोध प्रदर्शन
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वी वांट हाईकोर्ट के लगाए नारे
सोमवार को अधिवक्ताओं ने सबसे पहले जुलूस निकाला। इस दौरान वी वांट हाईकोर्ट कहते हुए दोषी पुलिस अधिकारियों को बर्खास्त करो, कानूनी कार्रवाई करो के नारे लगाए। अधिवक्ताओं के कार्य से विरत रहने के कारण जमानत पर भी सुनवाई नहीं हुई। केसों में अग्रिम तारीख नियत की गई। अधिवक्ताओं के समर्थन में स्टांप वेंडर, फोटोस्टेट, टाइपिस्ट और तमाम वर्ग के लोगों ने भी सहयोग किया। कलक्ट्रेट बार के अध्यक्ष विजेंद्र सिंह रावत, सचिव लोकेंद्र शर्मा आदि ने भी विरोध प्रकट किया।
वकीलों ने किया विरोध प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
खंडपीठ आगरा का अधिकार
यूनाइटेड बार एसोसिएशन की बैठक अधिवक्ता नरेश शर्मा की अध्यक्षता में हुई। इसमें बार एसोसिएशन के सचिव अनूप कुमार शर्मा ने कहा कि खंडपीठ आगरा का अधिकार है। पुलिस की दमनकारी नीति अधिवक्ताओं की मांग को कमजोर नहीं कर सकती है।
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वकीलों ने किया विरोध प्रदर्शन
- फोटो : अमर उजाला
कई लोग हुए थे घायल
लाठी चार्ज में न्यायिक अधिकारी और कर्मचारियों को भी चोट आई थी। मामले की जांच के लिए आयोग का गठन किया गया था। मगर, 21 साल बाद भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। इस दिवस को हर साल अधिवक्ता काले दिवस के रूप में मनाते हैं।
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आगरा दीवानी स्थित हाईकोर्ट की इमारत (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला