भारत-म्यांमार सीमा पर उग्रवादियों के हमले में शहीद हुए हिमाचली जवान बलदेव शर्मा को देखने के लिए लोगों का सैलाब उमड़ आया। हजारों लोगों ने नम आंखों से इस वीर जवान को अंतिम विदाई दी। तिरंगे में लिपटे शहीद को देखने के लिए दूर दूर से लोग पहुंचे थे।
तिरंगे में लिपटा हुआ लौटा हिमाचल का लाल, अंतिम दर्शन को उमड़ा सैलाब
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बुधवार सुबह जैसे ही शहीद की पार्थिव देह उनके पैतृक गांव पहुंची माहौल गमगीन हो गया। सुबह करीब 6 बजकर 47 मिनट पर जवानों की टुकडी जैसे ही शहीद के घर पहुंची कि तीन दिनों से शहीद की पार्थिव देह का इंतजार कर रहे परिजन अज्ञैर वहां उपस्थित ग्रामीण फूट-फूट कर रो पड़े।
शहीद के पार्थिव शरीर की एक झलक पाने को सड़क की तरफ लोग दौड़ पड़े। शहीद की पत्नी अरूणा, बेटी प्रियंका तथा बेटा विवेक रो पड़े।
लोगों ने शहीद बलदेव अमर रहे, भारत माता की जय तथा जब तक सूरज चांद रहेगा, बलदेव तेरा नाम रहेगा के नारों से माहौल गूंजयमान कर दिया। शहीद की तिंरगे में लिपटी देह से पूरा परिवार लिपट कर रो पड़ा।
जवान को श्रद्धासुमन अर्पित करने के लिए मानो पूरा क्षेत्र ही एक जुलूस की शक्ल में उमड़ पड़ा। बिलासपुर के सूबेदार बलदेव शर्मा का अंतिम संस्कार सरहयाली खड्ड के किनारे श्मशानघाट में राजकीय सम्मान के साथ किया गया।