{"_id":"6a8e91ef2687a1d0f70883b5","slug":"himachal-assembly-cm-sukhu-nurse-recruitment-outsourcing-hprca-2026-08-26","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"हिमाचल विधानसभा मानसून सत्र: आउटसोर्स से नहीं होगी नर्सों की भर्ती, CM बोले- नौकरियों में नहीं चलेगी सिफारिश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हिमाचल विधानसभा मानसून सत्र: आउटसोर्स से नहीं होगी नर्सों की भर्ती, CM बोले- नौकरियों में नहीं चलेगी सिफारिश
Wed, 26 Aug 2026 12:43 PM IST
Ankesh Dogra
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Ankesh Dogra
Updated Wed, 26 Aug 2026 12:43 PM IST
सार
हिमाचल विधानसभा के मानसून सत्र के पांचवें दिन मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने नर्सों की भर्ती और आउटसोर्स कर्मचारियों को लेकर बड़ा ऐलान किया। उन्होंने कहा कि अब प्रदेश में नर्सों की भर्ती आउटसोर्स माध्यम से नहीं होगी। राज्य चयन आयोग के जरिए टेस्ट लेकर नियुक्तियां की जाएंगी। मुख्यमंत्री ने भर्ती प्रक्रिया में सिफारिश खत्म करने की बात कही। फिलहाल 600 नर्सों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। पढ़ें पूरी खबर...
विज्ञापन
सदन में संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू।
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हिमाचल प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पांचवें दिन आउटसोर्स कर्मचारियों और सरकारी भर्ती को लेकर अहम चर्चा हुई। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सदन में स्पष्ट किया कि प्रदेश में अब नर्सों की भर्ती आउटसोर्स माध्यम से नहीं की जाएगी। स्टाफ नर्सों की नियुक्ति राज्य चयन आयोग के माध्यम से परीक्षा लेकर की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए व्यक्तिगत साक्षात्कार समाप्त कर दिए गए हैं और चयन में मेरिट को प्राथमिकता दी जाएगी।
विज्ञापन
करसोग के भाजपा विधायक दीपराज ने प्रश्नकाल के दौरान आउटसोर्स कर्मचारियों से जुड़ा सवाल उठाया। जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों को इम्पैनल करने की व्यवस्था पहले से चली आ रही है। कंपनियों को इम्पैनल करने के लिए निर्धारित प्रक्रिया अपनाई जाती है और इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन की ओर से विज्ञापन जारी किए जाते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि लिखित परीक्षा में मेरिट हासिल करने वाले अभ्यर्थियों को नौकरी मिलेगी। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया में किसी तरह की सिफारिश की संभावना से इनकार करते हुए कहा कि नौकरी में किसी की सिफारिश नहीं चलेगी।
विज्ञापन
600 नर्सों की भर्ती प्रक्रिया जारी
मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि अस्पतालों में बेहतर सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए नर्सों की भर्ती नियमित प्रक्रिया के तहत की जाएगी। प्रदेश में फिलहाल करीब 600 नर्सों की भर्ती प्रक्रिया चल रही है। भविष्य में नर्सों की नियुक्ति आउटसोर्स एजेंसियों के माध्यम से करने के बजाय राज्य चयन आयोग की परीक्षा के जरिए की जाएगी।
विज्ञापन
कोविड में हटाए कर्मचारियों को दोबारा नौकरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड काल में नौकरी से हटाए गए कुछ कर्मचारियों को दोबारा रोजगार दिया गया है। उन्होंने बताया कि अन्य पात्र कर्मचारियों को भी नीति और नियमों के अनुसार वापस रखने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों को लेकर सरकार नीतिगत स्तर पर भी विचार कर रही है। वर्तमान व्यवस्था में कुछ कर्मचारियों की नियुक्ति एजेंसियों के माध्यम से और कुछ मामलों में ठेकेदारों के जरिए होती है।
वेतन में कटौती पर होगी कार्रवाई
सीएम ने कहा कि आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए न्यूनतम वेतन निर्धारित है। यदि कोई एजेंसी कर्मचारियों के वेतन से नियमों के विपरीत राशि काटती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि कई बार विभागों की ओर से अधिक संख्या में कर्मचारियों की स्वीकृति ली जाती है, लेकिन वास्तविक तौर पर कम लोगों को काम पर रखा जाता है। सरकार इस व्यवस्था पर भी नजर रखेगी।
विधायक ने पूछा- पुराने कर्मचारियों को क्यों हटाया
भाजपा विधायक दीपराज ने सवाल उठाया कि यदि आउटसोर्स व्यवस्था पिछली सरकार के समय से चली आ रही थी तो उस दौरान नियुक्त कर्मचारियों को मौजूदा सरकार के समय नौकरी से क्यों हटाया गया। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आउटसोर्स व्यवस्था पहले से मौजूद थी और सरकार इस संबंध में नीतिगत स्तर पर सुधार की दिशा में काम कर रही है।
रोजगार पर भी होगी चर्चा
विधानसभा के पांचवें दिन रोजगार का मुद्दा भी चर्चा के केंद्र में रहा। सदन में विधायकों की ओर से विभिन्न विभागों और जनसमस्याओं से जुड़े 67 प्रश्न लगाए गए हैं। इनमें 45 तारांकित और 22 अतारांकित प्रश्न शामिल हैं।
इसके अलावा नियम-130 के तहत युवाओं के रोजगार की गारंटी और जलविद्युत परियोजनाओं से बकाया राशि की वसूली जैसे मुद्दों पर चर्चा होनी है। नियम-62 के तहत डिजिटल मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं को पेश आ रही समस्याओं का मुद्दा भी सदन में उठाया जाएगा।
इस तरह मानसून सत्र के पांचवें दिन रोजगार, आउटसोर्स कर्मचारियों की सेवा शर्तें और भर्ती प्रक्रिया प्रमुख राजनीतिक मुद्दों में शामिल रहे। मुख्यमंत्री के नर्सों की भर्ती आउटसोर्स से नहीं कराने के ऐलान को स्वास्थ्य क्षेत्र में नियुक्तियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।