हिमाचल के कई मंदिर रहस्यों से भरे पड़े हैं। इन मंदिरों से जुड़ी देव आस्था की बातें हर किसी को हैरान कर देती हैं। हालांकि इसके वैज्ञानिक पहलू भी हैं लेकिन देव आस्था इन वैज्ञानिक पहलुओं पर हावी रहती है।
हिमाचल के मंडी जिला के जंजैहली गांव में एक ऐसी विशालकाय चट्टान है जिसे पांडव शिला कहा जाता है। ऐसी मान्यता है कि पांडव शिला नामक इस भारी भरकम चट्टान को पांडवों ने अपने अज्ञात वास के दौरान निशानी के तौर पर यहां रखा था।
इस चट्टान को एक अंगुली से हिलाया जा सकता है। हालांकि विशाल शिला को देखकर इस पर यकीन नहीं होता, लेकिन ये सच है। कहा जाता है कि अपने अज्ञात वास के दौरान पांडव यहां पर रुके थे। यहां से जाने से पहले अपनी निशानी के तौर पर एक छोटी चट्टान पर भीम ने इस बड़ी चट्टान को कुछ इस प्रकार रखा था कि यह आज तक उसी स्थान पर विराजमान है।
अब यह पांडव शिला लोगों के आकर्षण का केंद्र बन चुकी है। पांडव शिला की यह विशेषता है कि इसे एक अंगुली से हिलाया जा सकता है। इसके कारण सालों से यह लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
महाभारत काल की यह चट्टान पांडव शिला जंजैहली के कुथाह के पास है। आंधी-तूफान भी इस चट्टान को आज तक इस स्थान से नहीं हटा पाया है।जिस तरह से यह विशालकाय चट्टान एक छोटी चट्टान पर टिकी हुई है उससे यह लोगों के लिए किसी अजूबे से कम नहीं।