शीतकालीन सत्र धर्मशाला पहुंचे मंत्री-विधायकों ने छुट्टी के दिन वर्दी पहनकर जमकर गोलियां दागीं। मगर यह आयोजन ऐसे समय में हुआ है जब सीमा पर आतंकवादी सेना के जवानों पर गोलियां बरसा रहे हैं। हिमाचल के कई जवान इसमें शहीद हुए। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या कभी नेताजी भी सीमा पर जाकर दुश्मनों का मुकाबलना करने की हिम्मत करेंगे।
क्या नेता जुटा पाएंगे सीमा पर दुश्मन से लोहा लेने का साहस!
ब्यूरो/अमर उजाला, कांगड़ा
Updated Mon, 08 Dec 2014 01:07 PM IST
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क्या नेता जुटा पाएंगे सीमा पर दुश्मन से लोहा लेने का साहस!
क्या नेता जुटा पाएंगे सीमा पर दुश्मन से लोहा लेने का साहस!
क्या नेता जुटा पाएंगे सीमा पर दुश्मन से लोहा लेने का साहस!
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