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Shimla News: एस्केलेटर-लिफ्ट से कमाए लाखों रुपये कहां गए, स्मार्ट सिटी ने तलब की रिपोर्ट
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खास खबर...
स्मार्ट सिटी प्रबंधन ने बुलाई रोपवे कार्पोरेशन के अधिकारियों की बैठक, कमाई का ब्योरा मांगा, वसूलेंगे शेयर
विकासनगर और मिडल बाजार में चल रही दो लिफ्ट, जाखू एस्केलेटर से भी हो रही लाखों रुपये की कमाई
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत तैयार दो लिफ्ट और एक एस्केलेटर से अब तक हुई कमाई का पूरा ब्योरा तलब किया है। स्मार्ट सिटी प्रबंधन ने रोपवे कार्पोरेशन से इन प्रोजेक्टों की आय और खर्च की रिपोर्ट मांगी है। वीरवार को रोपवे कार्पोरेशन के अधिकारियों के साथ स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के प्रबंध निदेशक की अध्यक्षता में बैठक होगी। इसमें तीनों प्रोजेक्टों की अब तक की कमाई का पूरा रिकॉर्ड पेश करना होगा।
स्मार्ट सिटी प्रबंधन इन प्रोजेक्टों से कमाई का 30 फीसदी तक शेयर लेने की तैयारी में है। अभी तक इनसे होने वाली आय रोपवे कार्पोरेशन के खाते में जमा हो रही है। स्मार्ट सिटी प्रबंधन के अनुसार मिशन के तहत तैयार प्रत्येक प्रोजेक्ट से शेयर लिया जाना है। इसमें नगर निगम को दी गई पार्किंग के साथ रोपवे कार्पोरेशन और लोक निर्माण विभाग की ओर से तैयार प्रोजेक्ट भी शामिल हैं।
विकासनगर और मिडल बाजार में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत लिफ्ट तैयार की गई हैं। मिडल बाजार लिफ्ट का किराया 10 रुपये और विकासनगर लिफ्ट का किराया 20 रुपये है। दोनों का संचालन वर्ष 2025 से किया जा रहा है। जाखू मंदिर एस्केलेटर का किराया 20 रुपये है और यह वर्ष 2024 से संचालित है। इन तीनों प्रोजेक्टों का निर्माण और संचालन रोपवे कार्पोरेशन के जिम्मे है।
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बैठक में होगी चर्चा : डॉ. भुवन
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के महाप्रबंधक डॉ. भुवन शर्मा ने कहा कि लिफ्ट और एस्केलेटर की कमाई का कुछ हिस्सा स्मार्ट सिटी प्रबंधन को मिलना है। इस संबंध में वीरवार को बैठक बुलाई गई है। प्रोजेक्टों से अब तक हुई कमाई का रिकॉर्ड भी लिया जा रहा है।
घाटे में होने पर संचालन वापस लेने की तैयारी
सूत्रों के अनुसार मिडल बाजार और विकासनगर लिफ्ट को फिलहाल घाटे में बताया जा रहा है। इनका संचालन खर्च कमाई से अधिक होने की बात सामने आई है। वहीं जाखू एस्केलेटर को फिलहाल मुनाफे में बताया जा रहा है। स्मार्ट सिटी प्रबंधन घाटे वाले प्रोजेक्टों का संचालन अपने अधीन लेने पर भी विचार कर रहा है। शहर में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 100 से अधिक छोटे-बड़े प्रोजेक्ट तैयार किए गए हैं। इनमें लिफ्ट, एस्केलेटर, पार्किंग और व्यावसायिक परिसर जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं।
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स्मार्ट सिटी प्रबंधन ने बुलाई रोपवे कार्पोरेशन के अधिकारियों की बैठक, कमाई का ब्योरा मांगा, वसूलेंगे शेयर
विकासनगर और मिडल बाजार में चल रही दो लिफ्ट, जाखू एस्केलेटर से भी हो रही लाखों रुपये की कमाई
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। राजधानी में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत तैयार दो लिफ्ट और एक एस्केलेटर से अब तक हुई कमाई का पूरा ब्योरा तलब किया है। स्मार्ट सिटी प्रबंधन ने रोपवे कार्पोरेशन से इन प्रोजेक्टों की आय और खर्च की रिपोर्ट मांगी है। वीरवार को रोपवे कार्पोरेशन के अधिकारियों के साथ स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के प्रबंध निदेशक की अध्यक्षता में बैठक होगी। इसमें तीनों प्रोजेक्टों की अब तक की कमाई का पूरा रिकॉर्ड पेश करना होगा।
स्मार्ट सिटी प्रबंधन इन प्रोजेक्टों से कमाई का 30 फीसदी तक शेयर लेने की तैयारी में है। अभी तक इनसे होने वाली आय रोपवे कार्पोरेशन के खाते में जमा हो रही है। स्मार्ट सिटी प्रबंधन के अनुसार मिशन के तहत तैयार प्रत्येक प्रोजेक्ट से शेयर लिया जाना है। इसमें नगर निगम को दी गई पार्किंग के साथ रोपवे कार्पोरेशन और लोक निर्माण विभाग की ओर से तैयार प्रोजेक्ट भी शामिल हैं।
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विकासनगर और मिडल बाजार में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत लिफ्ट तैयार की गई हैं। मिडल बाजार लिफ्ट का किराया 10 रुपये और विकासनगर लिफ्ट का किराया 20 रुपये है। दोनों का संचालन वर्ष 2025 से किया जा रहा है। जाखू मंदिर एस्केलेटर का किराया 20 रुपये है और यह वर्ष 2024 से संचालित है। इन तीनों प्रोजेक्टों का निर्माण और संचालन रोपवे कार्पोरेशन के जिम्मे है।
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बैठक में होगी चर्चा : डॉ. भुवन
स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के महाप्रबंधक डॉ. भुवन शर्मा ने कहा कि लिफ्ट और एस्केलेटर की कमाई का कुछ हिस्सा स्मार्ट सिटी प्रबंधन को मिलना है। इस संबंध में वीरवार को बैठक बुलाई गई है। प्रोजेक्टों से अब तक हुई कमाई का रिकॉर्ड भी लिया जा रहा है।
घाटे में होने पर संचालन वापस लेने की तैयारी
सूत्रों के अनुसार मिडल बाजार और विकासनगर लिफ्ट को फिलहाल घाटे में बताया जा रहा है। इनका संचालन खर्च कमाई से अधिक होने की बात सामने आई है। वहीं जाखू एस्केलेटर को फिलहाल मुनाफे में बताया जा रहा है। स्मार्ट सिटी प्रबंधन घाटे वाले प्रोजेक्टों का संचालन अपने अधीन लेने पर भी विचार कर रहा है। शहर में स्मार्ट सिटी मिशन के तहत 100 से अधिक छोटे-बड़े प्रोजेक्ट तैयार किए गए हैं। इनमें लिफ्ट, एस्केलेटर, पार्किंग और व्यावसायिक परिसर जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं।