राजधानी शिमला समेत समूचे हिमाचल में धूल का गुबार दूसरे दिन भी छाया रहा। इससे जहां मरीजों को सांस लेने में परेशानी हो रही है, वहीं आम लोग भी धूल से परेशानी झेल रहे हैं। शुक्रवार को मंडी के जोगिंद्रनगर में सीएम जयराम ठाकुर का हेलीकॉप्टर विजिविलिटी कम होने से नहीं उतर पाया। इसके चलते पालमपुर में आपात लैंडिंग करवानी पड़ी।
इसके बाद सीएम सड़क मार्ग से रवाना हुए। उन्हें पराशर का दौरा रद्द करना पड़ा। दिल्ली से शिमला के लिए दूसरे दिन भी हवाई उड़ान नहीं हो पाई। दिल्ली से गगल एयरपोर्ट के लिए दोपहर को विमान तो आया लेकिन लैंड नहीं कर पाया।
गगल हवाई अड्डा निदेशक सोनम नोरबू ने बताया कि विमान करीब 45 मिनट तक चक्कर काटता रहा। बाद में अमृतसर में लैंडिंग करवानी पड़ी। भुंतर हवाई अड्डे पर दिल्ली से आधा घंटा देरी से विमान पहुंचा।
शिमला से चंडीगढ़ के लिए हेली टैक्सी भी उड़ान नहीं भर सकी। शुक्रवार को बीते दिन से भी ज्यादा धूल का गुबार छाया रहा। कई क्षेत्रों में दिन में अंधेरा छाने जैसे हालात रहे। गाड़ियों और पेड़ों पर धूल की चादर बिछ गई।
लोग सुबह से ही उमस भरी गर्मी से परेशान रहे। सांस की बीमारी से परेशान मरीजों को अगले दो दिन तक राहत मिलने के आसार नहीं हैं। मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक मनमोहन सिंह का कहना है कि उत्तर भारत में राजस्थान, पंजाब और हरियाणा की ओर से आ रही पश्चिमी हवाएं अपने साथ धूल ला रही हैं।