पुलवामा आतंकी हमले में शहीद कांगड़ा ज्वाली के जंद्रो गांव में शहीद के घर पहुंचे खाद्य आपूर्ति मंत्री किशन कपूर से मां और चचेरी बहन ने बदला लेने की मांग की।
शहीद की मां बिमला देवी और चचेरी बहन अनु ने मंत्री को पांच मिनट तक आंगन में रोके रखा और कहा कि आतंकवादियों और पाकिस्तान से बदला लो। क्योंकि, हमारे परिवार का अकेला तिलक ही फौज में नहीं था।
शहीद तिलक राज के पार्थिव शरीर को देख मां बिमला देवी बिलख-बिलख कर रोने लगीं। ताबूत से लिपट कर मां बिमला देवी कहने लगीं कि मेरा बेटा सबका सीनियर था।
अब मैं किसके गाने सुनूंगी और किसे कबड्डी खेलता देखूंगी। सुध-बुध खो बैठी मां बिमला औरों को चुप रहने को कहतीं। बोलतीं - मेरे बेटे को कुछ नहीं हुआ है। आज बेटे की रिटायरमेंट है। रोने की जर्रत नहीं है।
चार बेटे और भी सीमा में खड़े होकर देश की रक्षा कर रहे हैं। यदि पाकिस्तान और आतंकवादियों से बदला नहीं लिया तो उनकी जान को भी खतरा है। पुलवामा आतंकी हमले में शहीद तिलक राज का परिवार कुछ ही सालों में फौजी परिवार बन गया।