इसे बेरोजगारी कहें या सरकारी नौकरी पाने की चाह कि एमबीए, एमसीए और एमएससी पास युवा भी चपरासी बनने के लिए कतारों में लग रहे हैं। धर्मशाला के सत्र न्यायालय में चपरासी के 24 पदों के लिए 3,293 नौजवानों ने आवेदन किया है।
भर्ती के लिए शैक्षणिक योग्यता दसवीं पास रखी गई है लेकिन एमबीए, एमएससी, एमए, बीए, बीबीए, बीएससी, बीकॉम, बीटेक जैसी योग्यता रखने वाले नौजवानों ने भी इसके लिए आवेदन किया है। इन पदों के लिए 6 दिसंबर से साक्षात्कार शुरू हो गए हैं। यह 6 जनवरी तक चलेंगे।
वंबर माह में इन पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे। ये पद नियमित आधार पर भरे जाने हैं। उल्लेखनीय है कि बीए बीएड, एमए बीएड और जेबीटी पास अभ्यर्थी भी चपरासी की नौकरी के लिए कतार में हैं। इसका एक कारण यह भी माना जा रहा है कि जब तक अध्यापक पात्रता परीक्षा (टेट) पास नहीं किया जाता, तब तक ये कमीशन की परीक्षा देने के योग्य नहीं होंगे।
बीएससी आईटी जैसी तकनीकी डिग्री हासिल करने वाले भी चपरासी की नौकरी करना चाहते हैं। होटल मैनेजमेंट में डिग्री और डिप्लोमा होल्डर अभ्यर्थी भी साक्षात्कार में अपीयर हो रहे हैं। चपरासी के अलावा सफाई कर्मचारी के लिए भी 61 अभ्यर्थी साक्षात्कार देंगे।
मार्च 2018 तक सरकारी रिकॉर्ड के मुताबिक प्रदेश में पढ़े-लिखे बेरोजगारों की संख्या 8,24,478 है, जिनमें 5,23,684 पुरुष और 3,69,304 महिलाएं हैं। पोस्ट ग्रेजुएट बेरोजगारों की संख्या 67,816 और अन्य शामिल हैं। ग्रेजुएट बेरोजगार 1,17,795 हैं। मैट्रिक पास और अंडर ग्रेजुएट बेरोजगारों की संख्या 6,44,407 के करीब है। अंडर मैट्रिक 61,871 हैं। अनपढ़ बेरोजगारों की संख्या 1 हजार 99 के करीब है।