हिमाचल प्रदेश में पोस्ट कोड 965 जूनियर ऑफिस असिस्टेंट आईटी भर्ती परीक्षा का पेपर बेचने के आरोपियों का भंडाफोड़ करने के बाद अब विजिलेंस में प्रदेश भर में इनके नेटवर्क को खंगालने में जुट गई है। आशंका जताई जा रही है कि महिला कर्मचारी और दलाल दोनों ने मिलकर प्रदेश भर में दर्जनों लोगों तक यह प्रश्नपत्र पहुंचाए हैं। आशंका जताई जा रही है कि एक-एक अभ्यर्थी को ढाई-ढाई लाख रुपये में यह पेपर बेचा गया। कर्मचारी चयन आयोग की महिला कर्मचारी और दलाल के अलावा इस गोरखधंधे में और भी लोगों की संभावना जताई जा रही है।
JOA IT Paper leak: दलाल ने हिमाचल में दर्जनों लोगों को ढाई-ढाई लाख रुपये में बेचा जेओए आईटी का प्रश्न पत्र
गोपनीय शाखा में होती है भरोसेमंद कर्मचारी की तैनाती
हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग में हर साल सैकड़ों पदों पर भर्तियां होती हैं। पेपर सेट करने, पेपर प्रिंटिंग, प्रिंटिंग के बाद परीक्षा केंद्रों तक सीलबंद लिफाफे में प्रश्नपत्र पहुंचाने का काम गोपनीय शाखा में होता है। इस शाखा में तैनाती से पहले कर्मचारी के पूर्व के सेवाकाल को ध्यान में रखा जाता है। पूर्व सेवाकाल की रिपोर्ट के आधार पर ही गोपनीय शाखा में कर्मचारी की नियुक्ति होती है।
जाहिर सी बात है कि ऊमा आजाद की ड्यूटी से पहले गोपनीय शाखा में नियुक्ति के लिए आयोग के उच्चाधिकारियों ने जरूरी औपचारिकताएं पूरी की गई होंगी। आरोपी महिला कर्मचारी वर्ष 2001 से चयन आयोग में सेवारत है और पिछले तीन सालों से आयोग की गोपनीय शाखा में तैनात रही हैं, लेकिन यह महिला कर्मचारी अभी तक कितनी बार पेपर लीक कर चुकी है, यह भी जांच का विषय बना हुआ है।
जेओए आईटी की 25 दिसंबर को प्रस्तावित लिखित परीक्षा के लिए कर्मचारी चयन आयोग ने गठित 41 टीमों को प्रदेश भर के परीक्षा केंद्रों के लिए प्रश्नपत्र, उत्तर पुस्तिकाएं और उपस्थिति रजिस्टर लेकर शुक्रवार सुबह छह बजे रवाना किया था। एक टीम में आरोपी महिला कर्मचारी थी शामिल थी। आयोग की गोपनीय शाखा में सेवारत वरिष्ठ सहायक ऊमा आजाद की ड्यूटी बिलासपुर जिले के घुमारवीं एसडीएम के माध्यम से ट्रेजरी में परीक्षा की सामग्री जमा करवाने के लिए लगी थी।
अपना काम निपटाने के बाद महिला सुबह करीब 11:00 बजे घुमारवीं से लौटकर हमीरपुर स्थित अपने घर पहुंची थी। इस बीच, दलाल ने उससे पेपर के बारे में संपर्क किया तो महिला कर्मचारी ने उसे अपने घर बुला लिया। यहां विजिलेंस ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया। आयोग के अधिकारियों का कहना है कि महिला अपने काम के प्रति बहुत निष्ठावान थी और कई बार उसने रात को 11:00 बजे तक तक आयोग के कार्यालय में बैठकर काम किया।