हिमाचल में सरकारी और निजी बसों में सफर करना अब महंगा हो जाएगा। निजी बस आपरेटरों के आगे घुटने टेकते हुए जयराम सरकार ने प्रदेश की आम जनता पर वित्तीय बोझ डाल दिया है। सोमवार को मंत्रिमंडल की बैठक में सरकार ने न्यूनतम किराये में दोगुनी बढ़ोतरी कर दी है।
अब सवारियों को सरकारी और निजी बसों में 3 के बजाए 6 रुपये न्यूनतम किराया देना पड़ेगा। न्यूनतम किराया 3 किलोमीटर तक के सफर पर तक ही लागू होगा।
सरकार ने साधारण किराये में भी 20 से 24 फीसदी तक बढ़ोतरी की है। मैदानी क्षेत्रों में सामान्य किराया 1.12, पहाड़ी क्षेत्र में 1.75 रुपये प्रति किलोमीटर होगा। डिलक्स और वोल्वो बसों में भी सरकार ने सफर महंगा कर दिया है।
प्रदेश सरकार ने हिमाचल में किराया बढ़ाने को लेकर पंजाब और उत्तराखंड की पालिसी को अपनाया है। सरकार का तर्क है कि 2013 के बाद हिमाचल के बस किराये में बढ़ोतरी नहीं हुई है। इस बीच प्रदेश में कई फीसदी डीजल में बढ़ोतरी हुई है।
रतलब है कि निजी बस आपरेटर किराया बढ़ाने को लेकर दो दिन की हड़ताल पर चले गए थे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मामले में हस्तक्षेप कर किराया बढ़ोतरी का आश्वासन दिया था। सोमवार को मंत्रिमंडल ने निजी बस आपरेटरों की मांगों को मानते हुए किराये में बढ़ोतरी की है।