हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल आचार्य देवव्रत अचानक एचपीयू का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। यहां के हालात देखकर राज्यपाल दंग रह गए। दिन : बुधवार, समय : सुबह 11 बजकर 35 मिनट। स्थान : एचपीयू का टैगोर ब्वॉयज हॉस्टल। ए ग्रेड यूनियर्सिटी के हॉस्टलों में छात्र किस हाल में रहते हैं, यह जानने पहुंचे राज्यपाल आचार्य देवव्रत हॉस्टल में एंट्री करते ही दंग रह गए।
HPU में हॉस्टलों की हालत देख भड़के राज्यपाल, बोले- सबको करो सस्पेंड
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बोले- हे भगवान, ये हॉस्टल है या पशुशाला। क्या हमारे बच्चे ऐसी हालत में रहते हैं। हॉस्टल की गैलरी में लाइट नहीं थी। कूड़े के ढेर लगे थे। कमरों के बाहर बिजली की तारें खुली लटकी हुई थीं। इन सबको देखते हुए राज्यपाल सीधे हॉस्टल की रसोई पहुंचे। देखा यहां तो हालत और भी खस्ता है। किचन से बदबू आ रही है।
क्या झाड़ू का भी एस्टीमेट बना रहे हो
दौरा पूरा होने के बाद राज्यपाल ने सफाई व्यवस्था देख रहे अधिकारियों को तलब किया। पूछा तो पता चला सफाई का काम आउटसोर्स कर दिया गया है। सफाई का काम देख रहे अधिकारी को बुलाया। पूछा- क्या झाड़ू लगाने का भी एस्टीमेट बन रहा है। वीसी को कहा कि इन सबका पैसा रोक दो। यदि ये आपके कर्मचारी है तो इन्हें नौकरी से निकालो।
एक्वागार्ड खराब है और बैठने की कुर्सियां भी टूटी पड़ी है। कोनों और खिड़कियों पर जमी गंदगी देख सीधे चीफ वार्डन अपर्णा नेगी से पूछ लिया- मैडम यहां बच्चे कैसे खाना खाते हैं। यहां का काम कौन देखता है। हॉस्टल वार्डन, जेई और एक्सीयन को नदारद पाकर राज्यपाल और भड़क गए। राज्यपाल बोले कि बिजली की पुख्ता व्यवस्था क्यों नहीं। यहां तो एस्टीमेट बनाते रहो, कागजों में दिखाते रहो और पैसा खाते रहो।
कहा- सुपरवाइजर को तुरंत यहां बुलाओ। ऑफिसर पहुंचे। राज्यपाल हाथ पकड़कर उसे खिड़की के पास ले गए। गंदगी दिखाते हुए बोले- ये क्या है। पूछा- क्या तुम ऐसी बदबू में बच्चों को खाना खिलाते हो। तुम्हें शर्म नहीं आती।
सूचना मिलते ही कुलपति राजेंद्र चौहान भी मौके पर पहुंचे। राज्यपाल ने पूछा, हॉस्टलों की ऐसी हालत क्यों है। रोज क्यों सफाई नहीं होती। अफसर बोले- आज सफाई नहीं हो पाई।
छू के देखो, क्या ये भी टेलीफोन तार हैं
दोपहर 12:25 मिनट। आखिर में राज्यपाल वाईएस परमार हॉस्टल पहुंचे। यहां भी बिलजी तारें खुली लटकी थीं। कई जगह तारों पर कपडे़ लटके थे। बिजली की खुली तारें देख राज्यपाल ने बिजली अधिकारी को पूछा, ये क्या है? बोले, शर्मा जी आप छू के देखो, क्या ये भी टेलीफोन के तार हैं?