रेडक्रॉस मेले में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचीं मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की धर्मपत्नी डॉ. साधना चाहकर भी रक्तदान नहीं कर पाईं। सराज में लगे उपमंडल स्तरीय मेले में डॉ. साधना ने रक्तदान की ख्वाहिश जाहिर की। डॉक्टरों को जब उनके ब्लड ग्रुप का पता चला तो रक्त लेने से मना कर दिया गया। तर्क दिया कि ओ नेगेटिव ब्लड ग्रुप बहुत रेयर होता है।
इसकी मांग काफी कम है। डॉ. साधना प्रदेश रेडक्रॉस सोसायटी की उपाध्यक्ष की हैसियत से बतौर मुख्य अतिथि पहुंची थीं। शिविर में सीएम के उपसचिव नरेश कुमार समेत 52 लोगों ने रक्तदान किया। इसमें लंबाथाच के विद्यार्थियों और आईटीआई बगस्याड़ की छात्राओं ने भी हिस्सा लिया।
थुनाग में उपमंडल स्तरीय रेडक्रॅास मेला मनाया गया। मुख्यातिथि डॉ. साधना ठाकुर ने दीप प्रज्वलित कर रेडक्रॉस मेले का शुभारंभ किया। एसडीएम सुरेंद्र मोहन ने उन्हें शॉल और टोपी पहनाकर स्वागत किया। मुख्यातिथि ने विशेष व्यक्तियों को बैसाखियां व वृद्धों को लाठियां बांटीं। सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करने वाली छात्राओं को अपनी ऐच्छिक निधि से पांच हजार की घोषणा की।
इससे पूर्व उपमंडल कार्यालय नागरिक में एक क्लोथ डोनेशन रूम का शुभारंभ किया। यहां जरूरतमंदों के लिए कपड़े एकत्र किए जा सकते हैं। आईजीएमसी के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जनक, गायनी विशेषज्ञ डॉ. पूजन डोगरा, बाल विशेषज्ञ डॉ. बीआर ठाकुर, ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. मिन्हास, स्किन विशेषज्ञ डॉ. जेके वर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे। उन्होंने अस्सी की उम्र पार कर चुके पांच लोगों को भी सम्मानित किया।
डॉ. साधना ठाकुर ने कहा कि कई सामाजिक संगठनों में पर्दे के आगे और पीछे काम करने का मौका मिला है, लेकिन मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी होने के नाते उनके साथ इतनी बड़ी जिम्मेदारी का निर्वहन पहली बार कर रही हैं। उन्होंने युवाओं से रक्तदान शिविर में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। शिविर में आईजीएमसी और शास्त्री मेडिकल कॉलेज नेरचौक सहित तकरीबन 21 डॉक्टरों की टीम ने रोगियों की जांच की। 1750 रोगियों ने जांच कराई। भीड़ इतनी ज्यादा हो गई कि पुलिस प्रशासन को व्यवस्था बनाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। अंत में एसडीएम थुनाग को स्वयं माइक संभालना पड़ा।