बॉलीवुड स्टार कंगना रणौत की न तो राजनीति में कोई रुचि है और न ही अभी शादी करने का कोई इरादा। भांवला के पास अपने पैतृक गांव धबोई में बनाए मां अंबिका के भव्य मंदिर और माता की मूर्ति की प्रतिष्ठा कार्यक्रम के लिए पहुंची खुले खयालों वाली बॉलीवुड क्वीन ने अपनी जिंदगी से जुड़ी कई बातें साझा कीं।
कंगना ने बताया कि उन्होंने यह मंदिर बनवाकर अपनी मां की मन्नत को पूरा किया है। जब वे छोटी थीं तो माता आशा रणौत को सपनों में कुलदेवी माता अंबिका नन्हे स्वरूप में दिखाई देती थीं। जब उन्होंने इसके बारे में ज्योतिषी से बात की तो उन्होंने बताया कि यह उनकी कुल देवी हैं, जो सपनों में आती हैं।
इस पर मां ने उनका मंदिर बनवाने की मन्नत मांगी थी। कंगना ने बताया कि जब वे शूटिंग के दौरान उदयपुर गईं थीं तो वहां माता अंबिका का प्राचीन मंदिर देखा और फैसला लिया कि वे अपने घर में भी ऐसा ही भव्य मंदिर बनवाएंगी।
मंदिर का निर्माण होने के कई वर्षों बाद वीरवार को यहां पहुंचीं और कुलदेवी अंबिका के मंदिर के साथ माता की मूर्ति प्रतिष्ठा के कार्यक्रम में शामिल हुईं। कंगना ने स्थानीय विधि-विधान से खुद सभी रस्में निभाईं।
यज्ञ का आयोजन किया गया। इससे पहले माता के जगराते में बुधवार देर रात मां के पारंपरिक भजनों पर कंगना खूब झूमीं। कंगना ने लोकसभा चुनाव लड़ने की अटकलों पर विराम लगाते हुए कहा, अभी वे सिर्फ करिअर पर फोकस कर रही हैं। राजनीति में आने की कोई रुचि नहीं है। यही नहीं, कंगना का कहना है कि उनका अभी शादी करने का भी कोई इरादा नहीं है। गौर हो कि अभिनेत्री कंगना के दादा विधायक रह चुके हैं।