सीएम जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई हिमाचल मंत्रिमंडल की बैठक में कई बड़े फैसले लिए गए। प्रदेश मंत्रिमंडल ने इस साल सेब सीजन में सेब का समर्थन मूल्य सिर्फ 50 पैसे प्रति किलो बढ़ाने का फैसला लिया है। सरकार की एजेंसियां बागवानों से अब सी ग्रेड सेब का समर्थन मूल्य 8 रुपए प्रति किलो खरीदेंगी।
प्रदेश के लाखों सेब बागवानों को वित्तीय फायदा मिलेगा। मंत्रिमंडल ने राज्य के विभिन्न सेब उत्पादक क्षेत्रों में 279 सेब खरीद केंद्र स्थापित करने को भी मंजूरी दे दी है। शहरी क्षेत्रों में निर्माण कार्यों से निकलने वाला कचरा ठिकाने लगाने की नीति को मंजूरी दी। साथ ही बिजली प्रोजेक्टों के नाम और हिस्सेदारी बदलने पर जुर्माना लगाने का फैसला लिया।
हिमाचल प्रदेश विधानसभा का मानसून सत्र 19 अगस्त से शुरू हो रहा है। 11 दिन तक चलने वाला सत्र 31 अगस्त को खत्म होगा। राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस पर निर्णय लिया गया। आमतौर पर मानसून सत्र एक हफ्ते से ज्यादा नहीं चलता है। विधानसभा सचिवालय से परामर्श के बाद मानसून सत्र की तिथियां तय कर ली गई हैं। पिछले बजट सत्र में लोकसभा चुनाव के चलते कम बैठकें हो पाने के कारण इस बार मानसून सत्र लंबा होगा। बजट सत्र में 13 सिटिंग ही हो पाई थीं, जबकि साल में 35 सिटिंग पूरी होना जरूरी है। ऐसे में मानसून सत्र की तरह ही आगामी शीत सत्र भी लंबा खिंच सकता है।
कैबिनेट ने 6720 जलरक्षकों, पैरा फिटरों और पैरा पंप आपरेटरों के मानदेय में भी 900 से 1000 रुपये की बढ़ोतरी की है। आईपीएच विभाग से संबद्ध वाटर गार्डों का मानदेय 2100 रुपये से बढ़ाकर 3000 करने की स्वीकृति दी। पैरा फिटरों और पैरा पंप आपरेटरों का मानदेय 3000 से 4000 रुपये करने का फैसला लिया है। इसका लाभ हिमाचल के 6220 वाटर गार्डों और 500 पैरा फिटरों और पैरा पंप आपरेटरों को मिलेगा।
सौर गीजर लगाने पर हिमाचल सरकार प्रदेश के तमाम घरेलू उपभोक्ताओं को 30 प्रतिशत सब्सिडी देगी। इससे राज्य में ऊर्जा की भी बचत होगी। इसमें इंस्टाल करने की लागत भी शामिल होगी। यह उपदान 100 और 200 एलपीडी के उपकरणों की स्थापना पर राज्य के तमाम घरेलू उपभोक्ताओं को मिलेगा। प्रथम मुख्यमंत्री डॉ. वाईएस परमार की जयंती पर 4 अगस्त, 2019 को शिमला में कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।