राज्य शिक्षक पुरस्कार के लिए शिक्षा निदेशालय के अंदर रविवार को साक्षात्कार हो रहे थे, वहीं बाहर सहायक अध्यापक भर्ती में नियुक्ति पत्र की मांग कर रहे अभ्यर्थियों पर लाठियां भांजी जा रही थीं। लाठीचार्ज में कई अभ्यर्थियों को चोट लगी। इस दौरान कई राहगीर भी पिट गए।
सड़क जाम करने के बाद अभ्यर्थियों ने जमकर नारेबाजी की। लगातार नारेबाजी और पुलिस द्वारा जबरन उठाने के दौरान प्रभात सिंह, राहुल मिश्रा, सोनिया और गीतांजलि समेत दर्जन भर से ज्यादा अभ्यर्थी बेहोश हो गए।
प्रशासन ने उन्हें एंबुलेंस से महानगर स्थित भाऊराव देवरस अस्पताल भेजा। इनमें से कई अभ्यर्थी हालत सामान्य होते ही दोबारा निदेशालय पहुंच गए। करीब चार घंटे तक चले घमासान और लाठीचार्ज के बाद धरना समाप्त हुआ।
राज्य सरकार हर साल पूरे प्रदेश भर के शिक्षकों में से अच्छा प्रदर्शन करने वाले शिक्षकों को 5 सितंबर को शिक्षक दिवस पर सम्मानित करती है। इसके लिए कुल 150 आवेदन आए थे। इनमें से 40 शिक्षक शॉर्टलिस्ट किए गए थे। इनमें से अंतिम रूप से चयनित शिक्षकों को पांच सितंबर को सम्मानित किया जाएगा।
आंखों में सरकारी नौकरी का ख्वाब संजोए युवाओं को जब कोई रास्ता नहीं दिखा तो उनके सब्र का बांध टूट गया। कई पुरुष और महिला अभ्यर्थी फूट-फूटकर रोने लगे। उनका कहना था कि शिक्षक भर्ती परीक्षा में सफल होने पर घर में खुशियां मनाई गईं। मोहल्ले व रिश्तेदारों में मिठाइयां बांटी गईं। अब उन्हें नौकरी नहीं मिलेगी, यह बात कैसे मान लें। आखिर क्या मुंह लेकर वे घर जाएं।