लखनऊ के विभूतिखंड थानाक्षेत्र के एक होटल के अकाउंटेंट का शव शुक्रवार सुबह बीकेटी इलाके के एक बाग में पेड़ पर फंदे से लटकता मिला। पुलिस को अकाउंटेंट की जेब से 22 दिन पुराना एक पत्र मिला। पत्र में लिखी बातें पढ़ने के लिए आगे की स्लाइड पर क्लिक करें।
उसके मुंह से खून रिस रहा था व पीठ पर खरोंच के निशान थे। उसका सेलफोन और एटीएम कार्ड गायब था। पिता ने हत्या का शक जताते हुए कार्रवाई की मांग की है।
इंस्पेक्टर बीकेटी तेजप्रकाश सिंह ने बताया कि गांव नवीकोट नंदना के सतीश कुमार ने राजपाल के बाग में एक युवक का शव आम के पेड़ से कसे गमछे के फंदे से लटका देखकर पुलिस को कॉल की। युवक की शर्ट कुछ दूरी पर पड़ी थी। मुंह से खून रिस रहा था और पीठ पर खरोंच के निशान थे। जेब से 23 मार्च को डायरी के पन्ने पर लिखा 11 लाइन का एक पत्र मिला। उसमें विभव मिश्र का नाम था।
उच्चाधिकारियों व सभी थानों को ब्योरा नोट कराने के साथ शव मॉर्च्युरी भेजा गया। वहां कुछ देर बाद सीतापुर के महमूदाबाद थाने के गांव इटैला निवासी विजय कुमार मिश्र ने शव की शिनाख्त अपने बेटे विभव मिश्र (30) के रूप में की।
विजय ने जानकारी दी कि विभव मड़ियांव के भरतनगर में पत्नी सुधा व बेटी सलोनी के साथ किराए पर रहकर विभूति खंड के होटल सेवी ग्रेंड होटल में अकाउंटेंट की नौकरी करता था। वह बृहस्पतिवार सुबह ड्यूटी पर निकला था। रात तक न लौटने पर सुधा ने कॉल की।