पुलिस और अपराधियों की साजिश का पर्दाफाश करने वाले कारोबारी श्रवण साहू (62) को बुधवार रात घर में घुसकर बदमाश ने गोलियों से भून डाला। श्रवण को चार गोलियां मारने के बाद भी हत्यारा वहां रुका रहा। मौत का इत्मिनान होने के बाद वह हवा में पिस्टल लहराता हुआ आराम से बाहर बाइक लेकर खड़े दूसरे बदमाश के साथ निकल गया।
बेटे आयुष के कातिलों को सजा दिलाने की लड़ाई लड़ रहे बुजुर्ग के खिलाफ जिस तरीके से साजिशें हुईं उसके बावजूद उनकी सुरक्षा में लापरवाह बनी रहे पुलिस अफसरों के वारदात के बाद होश उड़ गए। मौके पर पहुंचे डीआईजी प्रवीण कुमार और एसएसपी मंजिल सैनी को इलाकाई लोगों के जबर्दस्त आक्रोश का सामना करना पड़ा। गुस्साए लोगों ने पुलिस अफसरों का घेराव कर जमकर नारेबाजी की।
एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया कि श्रवण शाम करीब सात बजे घर के बाहर बने अपने भाई विजय की तेल के स्पेलर की दुकान पर बैठे थे। किसी काम से वह दुकान के बाहर सड़क पर निकले, तभी बाइक सवार दो बदमाश आ धमके। एक बदमाश ने पिस्टल से उन्हें गोली मार दी।
घायल श्रवण जान बचाने के लिए शोर मचाते हुए घर के अंदर भागे तो बदमाश भी दौड़ते हुए अंदर घुस गया। उसने श्रवण पर ताबड़तोड़ फायर किए और पिस्टल लहराते हुए आराम से भाग निकला। गोलियों की आवाज से इलाके में सनसनी मच गई। श्रवण के घर के बाहर भीड़ एकत्र हो गई। उन्हें ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। (श्रवण कुमार अपने बेटे की हत्या का केस लड़ रहे थे।)
श्रवण के भाई विजय ने बताया कि बदमाश काले रंग की पल्सर 220 बाइक से आए थे। बाइक में नंबर नहीं पड़ा था। दोनों बदमाश जैकेट पहने थे। बाइक सवार बदमाश फैंसी हेलमेट लगाए था। बदमाशों की तलाश के लिए इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले गए, जिसमें बाइक सवार कातिलों की फुटेज मिली।