कटड़ा मार्ग पर दो मिनी बसों की आपस में हुई भिड़ंत के बाद राजाजी पुरम ब्लॉक-सी लखनऊ से आए हुए श्रद्धालुओं के चेहरों पर दुर्घटना का डर और खौफ साफ दिख रहा था, लेकिन इसके बावजूद भी उनके हाथ बार-बार माता रानी के त्रिकुटा पर्वत की तरफ उठ रहे थे। मौके पर मची चीख पुकार के बाद स्थानीय लोगों ने भी अपनी भूमिका बखूबी निभाई।
जम्मू-कश्मीर सड़क हादसाः यूपी के घायल यात्री बोले- माता रानी और भोलेनाथ की कृपा से बच गई जान
बताया जाता है कि लखनऊ से 23 लोगों का यह दल श्री माता वैष्णो देवी कटड़ा की यात्रा पर आया था। सभी लोग आपस में रिश्तेदार और मोहल्ले के रहने वाले लोग हैं। सोमवार दोपहर को सभी ने माता रानी की पवित्र पिंडियों के दर्शन किए। इसके बाद सोमवार रात को सभी आधार शिविर कटड़ा पहुंचे।
रात्रि विश्राम के दौरान सभी लोगों की सलाह पौनी स्थित श्री शिवखोड़ी धाम में भोलेनाथ के दर्शन करने की हुई। मंगलवार सुबह मिनी बस से शिवखोड़ी के लिए चल दिए। कटड़ा से सिर्फ 20 किलोमीटर का रास्ता तय करने के बाद मिनी बस सिंबल चोया भागा में दूसरी मिनी बस से टकरा कर दुर्घटनाग्रस्त हो गई।