कश्मीर में कड़ाके की ठंड आफत बन गई है। घने कोहरे की वजह से जहां विमान सेवाएं लगातार तीसरे दिन प्रभावित रहीं, वहीं तापमान में भारी गिरावट के कारण कश्मीर घाटी के सभी प्राइमरी स्कूलों में सोमवार को छुट्टी कर दी गई। आगे स्कूल खोलने का फैसला मौसम के मिजाज पर निर्भर करेगा। राहत की बात यह है कि जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाईवे मरम्मत के बाद सोमवार को एकतरफा यातायात के लिए खोल दिया गया। हाईवे पर रविवार को नागरिक वाहनों की आवाजाही रोक दी गई थी।
क्या है 'चिल्ले कलां', जिसकी दस्तक से पहले ही कश्मीर का पानी बना 'बर्फ की सिल्ली', देखें तस्वीरें
कश्मीर घाटी में न्यूनतम तापमान माइनस से नीचे चल रहा है। श्रीनगर में अधिकतम तापमान 4.0 और न्यूनतम तापमान -2.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। पहलगाम में न्यूनतम तापमान -3.2 और गुलमर्ग में -3.7 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। लद्दाख के लेह जिले में तो न्यूनतम तापमान -14.9 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। ठहरा हुआ पानी जमने लगा है।
इधर, जम्मू संभाग भी ठंड लगातार बढ़ रही है। जम्मू में अधिकतम तापमान सामान्य से करीब छह डिग्री कम 16.7 और न्यूनतम तापमान 8.9 डिग्री सेल्सियस रहा। कटड़ा में न्यूनतम तापमान 8.4 और भद्रवाह में 1.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम विभाग के अनुसार, घने कोहरे का प्रकोप आज यानी कि मंगलवार तक रहेगा। बारिश और बर्फबारी के बाद इसमें सुधार आएगा। विभाग ने मंगलवार से 14 दिसंबर तक मौसम खराब रहने की भविष्यवाणी की है। 12-13 दिसंबर को जम्मू व कश्मीर संभाग में भारी बारिश और बर्फबारी की आशंका है। गुलमर्ग, सोनमर्ग, बारामुला, कुपवाड़ा, द्रास, भद्रवाह, पीर पंजाल और बानिहाल में भारी बर्फबारी हो सकती है।
जम्मू-कश्मीर में चिल्ले कलां 21 दिसंबर से शुरू होगा। यह 40 दिन चलेगा। इस दौरान सर्दी बढ़ने से पानी के स्रोत जम जाते हैं। प्रशासन ने इसके मद्देनजर खाद्यान्न समेत अन्य जरूरी सामग्री का भरपूर भंडारण कर लिया गया है। कश्मीर में भीषण सर्दी 21 दिसंबर से शुरू होकर 31 जनवरी तक रहती है। इसे ही चिल्ले कलां कहा जाता है।