नागरिकता संशोधन कानून को लेकर दिल्ली के जामिया के बाद अब कश्मीर के इस्लामिया कॉलेज ऑफ साइंस एंड कॉर्मस के बाहर विरोध प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पुलिस और सरकारी संपत्ति पर पथराव किया। इस दौरान सुरक्षाबलों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। पुलिस और सुरक्षाबलों की अपील के बाद भी प्रदर्शनकारियों ने पथराव जारी रखा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का प्रयोग किया गया।
जामिया के बाद कश्मीर के इस्लामिया कॉलेज के बाहर प्रदर्शन, सुरक्षाबलों और सरकारी संपत्ति पर पत्थरबाजी
इससे पहले जम्मू विश्वविद्यालय के जंतर-मंतर पर नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को प्रदर्शन किया। एनएसयूआई के राज्य सचिव रकीक अहमद खान ने कहा कि हम यह प्रदर्शन विद्यार्थियों के हक के लिए कर रहे हैं। प्रदर्शन किसी समुदाय के साथ या विरोध में नहीं हैं।
कार्यकर्ताओं का कहना था कि एनएसयूआई देश के हित के लिए काम करती है। हम उनका समर्थन नहीं करते जो देश को जाति, समुदाय के नाम पर अलग करने की कोशिश कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने भारत माता की जय जैसे नारे लगाए।
एनएसयूआई के प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय के अन्य विद्यार्थियों ने रोष जताया। उनका कहना था एनएसयूआई का प्रदर्शन केवल हिंदू विरोधी है। अगर मोदी सरकार द्वारा पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के सताए हुए हिंदुओं को देश में नागरिकता दी जा रही है तो इससे उन लोगों को समस्या है, जो हिंदुओं के विरोध में हैं। विश्वविद्यालय का कोई भी स्कालर या विद्यार्थी इनके समर्थन में नहीं है।
उन्होंने कहा कि हम मोदी सरकार के फैसले का दिल से स्वागत करते हैं। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने बताया कि जो विद्यार्थी प्रदर्शन कर रहे हैं, उनमें से आधे से ज्यादा लोग विश्वविद्यालय के नहीं हैं। हम विरोध करते हैं कि विश्वविद्यालय में बाहर के लोग किस तरह आ गए और प्रदर्शन करने लगे।