कोरोना संक्रमण से प्रदेश में मौतों का सिलसिला थम नहीं रहा है। इसके साथ ही संक्रमण से उबरने के बाद भी लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। निगेटिव होने के बाद आपको संभलकर रहना होगा। पोस्ट कोविड कंप्लिकेशन में ठीक हो चुके लोगों को कई शारीरिक और मानसिक समस्याएं परेशान कर रही हैं। मानसिक समस्याओं में ब्रेन फाग सिंड्रोम, पोस्ट कोविड डिप्रेशन और पोस्ट कोविड स्ट्रेस डिसऑर्डर प्रमुख है।
डॉक्टर की सलाह: घबराएं मत...कोरोना से उबरने के बाद हो रहीं समस्याओं से ऐसे पाएं निजात
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जबकि पोस्ट कोविड स्ट्रेस डिसऑर्डर में एंजायटी, पैनिक अटैक, ऐसा लगना कि पता नहीं क्या हो जाएगा, मौत का डर आदि लक्षण रहते हैं। पहले से मधुमेह, ब्लड प्रेशर, हृदय रोगों से पीड़ितों को अधिक ध्यान देने की जरूरत है। कोविड के समय में चिंता, तनाव और अकेलापन, गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती होने का डर भी लोगों को मानसिक रूप से परेशान कर रहा है। इसके अलावा कोविड के दौरान ली गई स्टेरायड के इस्तेमाल के चलते भी नींद की समस्याएं देखी जा रही हैं।
- इलेक्ट्रॉनिक गजेट्स में शाम के बाद मोबाइल, लैपटॉप, टीवी आदि से दूरी बनाकर रखें, जरूरी काम को ही निपटाएं। रात्रि में काम करने से परहेज करें
- सोने का समय निर्धारित करें और हर दिन उसी समय पर सोने की कोशिश करें
- अगर रात को नींद नहीं आ रही है तो दिन में सोने से बचें, ताकि रात को अच्छी नींद मिल सके
- हर समय बिस्तर पर न रहें और अपनी दिनचर्या में बदलाव लाएं
- व्यायाम को दिनचर्या का हिस्सा बनाकर भी आप अनिद्रा की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं
- पोस्ट कोविड के बाद अगर आप में दो हफ्ते तक लक्षण रहते हैं तो डॉक्टर से उचित चिकित्सा सलाह लें
- डॉक्टर की सलाह पर एंटी एंजायटी, एंटी स्लीप और एंटी डिप्रेशन दवाएं लेनी पड़ सकती हैं
पोस्ट कोविड के बाद पारिवारिक और सामाजिक समर्थन बढ़ाने की अधिक जरूरत होती है। सामाजिक दूरी का पालन करते हुए टेलीफोन या सोशल मीडिया से अपनों के साथ वार्तालाप बढ़ाएं। अकेले न रहें और खुद को अन्य गतिविधियों में व्यस्त रखें।
यह भी देखें की कि कोविड से मृत्युदर और सक्रिय मामले कुछ ही फीसदी है जबकि एक बड़े फीसदी में लोग ठीक भी हो रहे हैं, इससे अपनी सकारात्मक सोच को बढ़ाएं। टीवी चैनलों पर कोविड से जुड़ी अधिक खबरें न देखें, जिससे आप में पोस्ट कोविड कॉम्प्लिकेशन बढ़ सकती हैं। खुद के मनोरंजन के लिए अधिक साधन ढूंढे।