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शहीद डीएसपी: अमन ठाकुर के नाम पर प्रशासनिक ब्लॉक, बहादुरी की मिसाल और इस जांबाज से थर्राते थे आतंकी

Fri, 28 May 2021 11:35 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Fri, 28 May 2021 11:35 AM IST
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Newly built administrative block named after martyr DSP Aman Thakur
शहीद डीएसपी अमन ठाकुर - फोटो : अमर उजाला

जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक दिलबाग सिंह ने गुरुवार को अनंतनाग और कुलगाम जिले में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा के लिए बैठक की थी। बैठक के बाद डीजीपी ने 13 नवनिर्मित सुविधाओं का उद्घाटन किया। उन्होंने जिला पुलिस लाइन में नवनिर्मित प्रशासनिक ब्लॉक का उद्घाटन करते हुए उसका नाम शहीद डीएसपी अमन ठाकुर के नाम पर रखा। डीएसपी अमन ठाकुर ने 24 फरवरी 2019 को तुरीगाम, कुलगाम में एक मुठभेड़ के दौरान अपनी जान कुर्बान कर दी थी। शहीद डीएसपी अमन ठाकुर के पराक्रम के साथ ही जानिए उनसे जुड़ी कई अहम बातें जो हर भारतीय के दिल में अपने स्थान बनाए हुए हैं...



डीएसपी अमन ठाकुर की बहादुरी हर देशप्रेमी के दिल में सुनहरे अक्षरों में दर्ज है। होनहार और निडर पुलिस अफसर अमन ने अपनी बहादुरी से एक मिसाल कायम की। कुलगाम में मुठभेड़ में पहले अकेले ही दो आतंकियों को ढेर किया । इसके बाद अपने घायल साथी को बचाते हुए प्राण त्याग दिए।

आगे की स्लाइड में पढ़िए- सात साल के इकलौते बेटे विश्व आर्य प्रताप ने जब मुखाग्नि दी तो हजारों लोगों की आंखें नम हो गईं

Newly built administrative block named after martyr DSP Aman Thakur
शहीद डीएसपी अमन ठाकुर - फोटो : अमर उजाला, फाइल फोटो

डीएसपी अमन ठाकुर ऑपरेशन को लीड कर रहे थे। आतंकियों के छिपे होने की सूचना मिलते ही अमन ने मोर्चा संभाला और आतंकियों को घेर लिया। इसके साथ ही दो आतंकियों को ढेर कर दिया। इसी दौरान अमन के साथ लड़ रहा एक अन्य जवान घायल हो गया। अमन जब साथी को बचाने लगे और पीछे लाने लगे तो एक बचे आतंकी ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। इसमें अमन शहीद हो गए। 


 
Newly built administrative block named after martyr DSP Aman Thakur
शहीद डीएसपी अमन ठाकुर - फोटो : अमर उजाला, फाइल फोटो

शहीद अमन ठाकुर की अंतिम यात्रा में भी हजारों लोग उमड़े। शहीद के पार्थिव शरीर के घर पहुंचते ही लोगों का तांता लग गया। डोडा और किश्तवाड़ से भी बड़ी संख्या में लोग अमन को श्रद्धांजलि देने पहुंचे थे।

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शहीद डीएसपी अमन ठाकुर - फोटो : अमर उजाला, फाइल फोटो

सिर पर केसरी रंग की राजपुताना पगड़ी और माथे पर लाल रंग का तिलक लगाकर अमन को विदा किया गया। कंधा देने वालों की संख्या देखते ही बनती थी। अमन के सात साल के इकलौते बेटे विश्व आर्य प्रताप ने जब पिता को मुखाग्नि दी तो हजारों लोगों की आंखें नम हो गईं। 

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शहीद डीएसपी अमन ठाकुर - फोटो : अमर उजाला, फाइल फोटो
मुखाग्नि देने से पहले शहीद अमन की पत्नी भी वहां मौजूद रहीं। उन्होंने जय हिन्द करते हुए कहा चला गया देश का एक वीर सपूत।

 

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