जम्मू-कश्मीर सरकार ने मंगलवार को बड़ा फैसला लेते हुए जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को रिहा कर दिया। वह जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से नजरबंद थे। बाद में उन पर पब्लिक सिक्योरिटी एक्ट भी लगा दिया गया था, जिसे अब हटाया गया।
Omar Abdullah: कुछ इस अंदाज में दिखे उमर, सात महीने बाद बेटे को देख भावुक हुए फारूक अब्दुल्ला, कही ये बात
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उमर की रिहाई का आदेश आज यानी कि मंगलवार को आया। कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद उन्हें रिहा किया गया। इसके बाद उमर अब्दुल्ला अपनी कार से घर पहुंचे। घर पहुंचकर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि राज्य और राज्य के बाहर हिरासत में रखे गए सभी लोगों को रिहा किया जाना चाहिए।
उमर ने कहा कि इन कठिन परिस्थितियों में महबूबा मुफ्ती और अन्य सभी राजनीतिक और गैर-राजनीतिक नेताओं को रिहा किया जाना चाहिए। इस दौरान उन्होंने कहा कि मैंने सोचा था कि मैं अपनी शर्तों पर ही बात करूंगा लेकिन कोरोना वायरस से हमें एकजुट होकर लड़ना होगा, इस वजह से मैं आपके सामने अपनी बात रखने के लिए आया हूं।
वहीं, नेशनल कॉन्फ्रेंस ने मंगलवार को पार्टी उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला की सात महीने बाद हुई रिहाई का स्वागत किया। इसके साथ ही अनुच्छेद-370 हटाए जाने के बाद से जम्मू-कश्मीर के अंदर और बाहर के राज्यों की जेलों में बंद सभी राजनीतिक बंदियों और अन्य की रिहाई की मांग की।