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सेवानिवृत्त हो गया बहादुर, प्रचंड प्रहार से भयभीत पाकिस्तान इसे कहता था चुड़ैल, जानिए खास बातें

Sat, 28 Dec 2019 01:28 PM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Sat, 28 Dec 2019 01:28 PM IST
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MiG 27 India fighter jet retired
मिसाइल दागता हुआ मिग 27 - फोटो : IAF Twitter

भारतीय वायुसेना की 38 साल तक सेवा करने वाला मिग-27 कल यानी कि शुक्रवार को रिटायर हो गया है। इसकी नायाब खासियतों के चलते सेना इसे बहादुर नाम से बुलाती थी। वहीं मिग-27 की मारक क्षमता से भयभीत होकर पाकिस्तान इसे चुड़ैल कहता था। चार दशक तक मिग-27 ने अपनी बहादुरी का परिचय देते हुए दुश्मन को कई बार मात दी।



आगे की स्लाइड में जानिए मिग-27 की खासियत...

MiG 27 India fighter jet retired
मिग 27 - फोटो : IAF Twitter

मिग अपने जमाने का सबसे बेहतरीन 27 लड़ाकू विमान था। जोकि दुश्मन को भनक लगने से पहले यह उसे नेस्तनाबूत कर देता था। यह 1700 किलोमीटर प्रतिघंटे की उड़ान भरने में सक्षम था। 38 साल पहले 1981 में जोधपुर एयरबेस से मिग-27 का सफर शुरू हुआ था। भारतीय वायु सेना के बेड़े में 1985 में शामिल किया गया था। यह सक्षम लड़ाकू विमान जमीनी हमले की क्षमता का आधार रहा है। वायु सेना के सभी प्रमुख अभियानों में भाग लेने के साथ मिग-27 ने 1999 के कारगिल युद्ध में भी अभूतपूर्व भूमिका निभाई थी।

 

MiG 27 India fighter jet retired
मिग 27

सोवियत यूनियन सरकार के शासनकाल में रूसी कंपनी मिकोयन मिरेविच कंपनी द्वारा निर्मित मिग-27 युद्धक विमान को भारतीय वायुसेना में साल 1985 में शामिल किया गया। वायुसेना में शामिल होने के बाद दुनिया के सर्वश्रेष्ठ विमानों में से एक मिग-27 ने 34 साल देश की सीमाओं को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। 1999 में कारगिल युद्ध में तो इस युद्धक विमान के जरिये जांबाज पायलटोें ने दुश्मन पर ताबड़तोड़ हमले कर उनके ठिकानों को तहस-नहस कर दिया था। 

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MiG 27 India fighter jet retired
मिग 27

पूरी दुनिया में फ्लागर-डीजे नाम से चर्चित मिग-27 को कई नामों से जाना गया। कारगिल युद्ध में पाकिस्तानी सेना के पैर उखाड़ने में अहम भूमिका निभाने वाले मिग-27 को इसके पायलटों ने जहां ‘बहादुर’ नाम से पुकारा। वहीं रूसी वायुसेना के पायलटों ने इसकी लंबी नाक की वजह से इसे ‘उल्कोनोस’ नाम दिया। जबकि पूरी दुनिया में इसे ‘बाल्कन’ नाम से भी जाना गया।

 

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MiG 27 India fighter jet retired
मिग 27

इसके टेस्ट के दौरान पायलट ने जब पहली बार उड़ान भरी तो इसके पायलट बाक्स के जरिये चारों तरफ का नजारा देखने के साथ उसने ‘बाल्कन’ नाम दिया। 
 

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