लॉकडाउन के कारण पंजाब में बीते 47 दिनों से रिश्तेदारों के घर रुके आठ बच्चों को प्रशासन ने उनके माता-पिता से मिलवा दिया। घर पहुंचे इन बच्चों की खुशी का ठिकाना नहीं था। पिछले कई दिनों से बच्चों को अभिभावक पंजाब से वापस घर लाने के लिए लगातार कोशिशें कर रहे थे, लेकिन पाबंदियों के चलते उन्हें सफलता नहीं मिल पाई।
माता-पिता से मिलने के लिए बिलख रहे थे पंजाब में फंसे आठ बच्चे, 47 दिन बाद हुई घर वापसी
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मामला जिला चाइल्ड लाइन के संज्ञान में लाया गया, जिसके बाद पंजाब के संबंधित जिलों के चाइल्ड लाइन कमेटियों से संपर्क कर इन बच्चों को इनके माता-पिता से मिला दिया गया है। जम्मू-कश्मीर वापस लाए गए बच्चों में कठुआ और उधमपुर जिले के बच्चे भी शामिल हैं, जिन्हें पंजाब के विभिन्न जिलों से लाया गया है।
जिला चाइल्ड लाइन के अधिकारी अब्दुल रहीम ने बताया कि चाइल्ड लाइन के चेयरपर्सन डीसी ओपी वक्त ने एक कमेटी गठित की है जो पंजाब या अन्य जगह फंसे बच्चों को अपने घरों में वापस लाने में मदद कर रही है। इससे पहले भी जहां बच्चों को घर लाया गया हैं, वहीं शनिवार और रविवार को कुल आठ बच्चों की घर वापसी हुई है।
बताया कि लॉकडाउन से पहले यह अपने रिश्तेदारों के घर गए थे। अभिभावकों के साथ-साथ बच्चे भी लॉकडाउन बढ़ने से परेशान हो चुके थे। इसके बाद चाइल्ड लाइन ने इन्हें वापस लाने की कवायद शुरू की।
अधिकारी ने बताया कि शनिवार को आठ से 12 वर्ष के तीन बच्चे वापस लाए गए। दो भाई-बहन को मोहाली से कठुआ तो वहीं दो अन्य लड़कियों को अमृतसर से उधमपुर भेजा गया है। अधिकारी ने बताया कि रविवार को सात से 14 वर्ष के चार और बच्चे वापस लाए गए हैं। इनमें दो पठानकोट और दो अमृतसर से कठुआ वापस लाकर परिवार से मिलवा दिए गए हैं।