जम्मू कश्मीर में विभिन्न स्थानों में जमकर अबीर-गुलाल उड़ा। जम्मू में अंतरराष्ट्रीय सीमा से लेकर कश्मीर की नियंत्रण रेखा तक जवानों ने होली का त्योहार मनाया। आरएस पुरा सेक्टर की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बीएसएफ के जवानों व अधिकारियों ने एक दूसरे को रंग लगाया। 165वीं वाहिनी के कमांडेंट विवेक श्रीवास्तव ने सरहद पर तैनात जवानों व अधिकारियों को होली की बधाई दी। इस दौरान ऑक्ट्राय पोस्ट पर बीएसएफ के जवानों ने नाचते हुए साथियों को रंग लगाया। सीमा पर तैनात महिला कांस्टेबल व अधिकारियों ने भी खूब गुलाल उड़ाया।
JK Holi 2023: एलओसी-आईबी से लेकर घरों तक उड़ा गुलाल, महिला जवानों ने जमकर लगाए ठुमके, सीमा से देखें तस्वीर
होली मना रहे बीएसएफ के जवानों ने कहा कि घरों से दूर रहकर सीमा के प्रहरी बन यहां देश की रक्षा कर अपना फर्ज निभा रहे हैं। साथ ही देश की खुशी में वे भी खुशी मना रहे हैं। इस दौरान महिला कांस्टेबल भी मस्ती में होली मनाने के साथ हम उम्र महिलाओं को रंग लगा झूम रही थीं। बीएसएफ के एक अधिकारी ने कहा कि उनका बीएसएफ परिवार बहुत बड़ा है, और वे जोश में होली मना रहे हैं।
परिवार से दूर हैं, लेकिन बीएसएफ परिवार साथ है। अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात एक महिला जवान ने कहा कि स्थानीय लोग बीएसएफ कैंप में हर त्योहार पर आते हैं, और जश्न मनाते हैं। इस दौरान आसपास के लोग भी होली के जश्न में शामिल हुए। उनके आसपास होने पर हमें घर से दूर होना महसूस नहीं होता है। देश के लोगों को बताना चाहते हैं कि बिना किसी चिंता के त्योहार मनाएं।
इसके उपरांत मंदिर परिसर में लोगों ने होली खेली। मंदिर परिसर में लोगों को प्रसाद भी वितरित किया गया। लक्ष्मीनारायण मंदिर में भी लोगों ने पूजा कर माथा टेका। अन्य मंदिरों में भी चहल-पहल रही। उधर, युवाओं ने डीजे पर नृत्य कर होली मनाई। परेड, अंबफला, तालाब तिल्लो, गांधी नगर, शास्त्रीनगर आदि स्थानों पर दिन भर युवा और बच्चे एक-दूसरे को रंगते दिखाई दिए। उधर, जम्मू विश्वविद्यालय के छात्रों और शोध-छात्रों ने फाउंटेन प्लाजा के पास होली मनाई। इस दौरान हलवा भी बांटा गया।
लास्ट मोड़ गांधीनगर के साथ कनक मंडी स्थित प्रतापगढ़ चौक पर होलिका दहन किया गया। लास्ट मोड़ में शाम को स्थानीय लोगों के साथ अन्य दुकानदारों ने होलिका की परिक्रमा की। प्रतापगढ़ चौक पर शाम 7 बजकर 15 मिनट पर होलिका दहन किया गया। इस दौरान समिति के अध्यक्ष अनूप मित्तल मौजूद रहे। इस मौके पर लोकनृत्य भी प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर भक्त प्रहलाद का स्वरूप स्थापित किया गया।