जम्मू कश्मीर के सबसे बड़े झिड़ी मेले का रविवार को शुभारंभ हो गया है। सोमवार को मंडलायुक्त रमेश कुमार औपचारिक उद्घाटन किया। कार्तिक पूर्णिमा पर बाबा जित्तो के पवित्र सरोवर बाबा तालाब में शाही स्नान हुआ। लोगों ने आस्था की डूबकी लगाकर बाबा से क्षमा याचना कीं। इसके साथ ही जिलेभर में कुल देवी-देवताओं की मेल का आयोजन भी हुआ।
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झिड़ी मेला 2023
- फोटो : अमर उजाला
पड़ोसी राज्यों सहित शहर के श्रद्धालु परिवार संग मेले में पहुंचे। साप्ताहिक छुट्टी के कारण काफी संख्या में श्रद्धालु आए। लोगों ने पहले बाबा जित्तो और बुआ कौड़ी के मंदिर जाकर दर्शन किए और बाद में मेले का लुत्फ उठाया।
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झिड़ी मेले में छिंज
- फोटो : गुलशन उधम
सोमवार को सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन हुआ, जिसमें प्रदेश के लोक कलाकारों ने प्रदेश की समृद्ध सांस्कृति से लोगों को रूबरू कराया। बच्चों ने झूलों का आनंद उठाया। रात तक मेला स्थल पर चहल-पहल और भी बढ़ जाती है। दूसरे राज्यों से आए दुकानदार मेले में बढ़ती रौनक देखकर खुश हो गए। खाने-पीने के स्टाल पर खूब भीड़ रही। साथ ही सड़क किनारे दुकानों में खरीदारी चलती रही।
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झिड़ी मेले में लोक नृत्य प्रस्तुत करते कलाकार
- फोटो : अमर उजाला
मेले से दो दिन पहले ही लोगों की आवाजाही शुरू हो गई थी। हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने बाबा जित्तो और बुआ कौड़ी का आशीर्वाद प्राप्त किया। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए विशेष व्यवस्था की गई है ताकि किसी को कोई परेशानी न आए। इस बार आयोजन स्थल में लाउड स्पीकर लगाए गए हैं जो प्रियजनों को ढूंढने में मदद कर रहे हैं। नटरंग द्वारा बाबा जित्तो और बुआ कौड़ी के जीवन पर आधारित नाटक का मंचन किया जा रहा है।
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झिड़ी मेले में भांगड़े की प्रस्तुती देते छात्र
- फोटो : अमर उजाला
पंजाब से 28 को आएंगे गायक संदीप सूद
28 नवंबर को पंजाब से गायक संदीप सूद प्रस्तुति देंगे। उधर, सुचारू यातायात के लिए मेले से 700 मीटर दूर कानाचक, सुआ-1 और हरि सिंह घराट पर पार्किंग की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा लोगों की सुविधा के लिए ई-रिक्शा का संचालन किया जा रहा है। दिव्यांगों और बुजुर्गों के लिए यह सुविधा निशुल्क है। इसी तरह कंट्रोल रूम के पास श्रद्धालुओं के लिए हेल्प डेस्क लगाया गया है। लंगर और खाने-पीने के कई प्रकार स्टाल हैं।