{"_id":"6aa712adaf3f69525e0322ca","slug":"administration-police-news-jammu-news-c-10-jmu1059-1011978-2026-09-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jammu News: थाने का चक्कर नहीं, अब मोहल्ले \nके अफसर से करें सीधा संपर्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jammu News: थाने का चक्कर नहीं, अब मोहल्ले के अफसर से करें सीधा संपर्क
विज्ञापन
हर इलाके में बीट अधिकारी का नाम और मोबाइल नंबर होगा सार्वजनिक, बनेंगे व्हाट्सएप ग्रुप
संदिग्ध व्यक्ति, किरायेदार या बाहरी लोगों की सूचना सीधे पुलिस तक पहुंचाने की व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। मोहल्ले में पुलिस की मौजूदगी अब सिर्फ गश्त तक सीमित नहीं रहेगी। हर इलाके के लोगों को यह पता होगा कि उनके क्षेत्र का बीट अधिकारी कौन है, उससे कैसे सीधे संपर्क करना है। जम्मू साउथ पुलिस ने बीट स्तर पर लोगों से सीधा संवाद बढ़ाने की तैयारी की है। इसके तहत हर बीट के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाए जा रहे हैं। इनमें उस मोहल्ले के प्रबुद्ध लोगों के साथ संबंधित बीट अधिकारी का मोबाइल नंबर भी होगा।
पुलिस में बीट सिस्टम लंबे समय से है, लेकिन पुलिस इसे और ज्यादा सुविधाजनक कर रही है। नई व्यवस्था के बाद किसी मोहल्ले में संदिग्ध गतिविधि, नया किरायेदार या किसी बाहरी व्यक्ति की मौजूदगी की जानकारी सीधे संबंधित बीट अधिकारी को दी जा सकेगी। लोगों को छोटी सूचना के लिए थाने तक जाने की जरूरत नहीं होगी। पुलिस का जोर है कि स्थानीय स्तर पर मिलने वाली जानकारी समय पर विभाग तक पहुंचे, ताकि किसी संभावित घटना को पहले ही रोका जा सके। पुलिस बीट के अनुसार किरायेदारों का रिकॉर्ड भी अपडेट रखेगा जाएगा। सभी किरायेदारों का सत्यापन करने के साथ घरेलू सहायकों, ड्राइवरों और अन्य बाहरी लोगों की भी जानकारी जुटाई जाएगी। संवेदनशील स्थानों पर रात में गश्त और नाका चेकिंग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।
-- -- --
साइबर अपराध से बचने के
लिए किया जाएगा जागरूक
लोगों को साइबर अपराध से बचने के लिए जागरूक किया जाएगा और शिकायत के लिए संबंधित हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी जाएगी। एसपी साउथ वैभव मीणा ने नो योर बीट ऑफिसर पहल को प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों और बीट कर्मचारियों को जरूरी दिशानिर्देश दिए हैं। बीट अधिकारी और स्थानीय लोगों के बीच सीधा संपर्क मजबूत करने के उद्देश्य से यह पहल की ताकि मोहल्लों में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी दोनों बेहतर होंगी।
विज्ञापन
-- -
क्या होता है बीट अधिकारी
बीट अधिकारी वह पुलिसकर्मी होता है जिसे एक तय इलाके की जिम्मेदारी दी जाती है। वह वहां की सुरक्षा, लोगों से संपर्क और स्थानीय पुलिस संबंधी सूचनाओं पर नजर रखता है। बीट व्यवस्था को मजबूत और जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करने के लिए ही अलग-अलग पहल की जा रही है।
विज्ञापन
संदिग्ध व्यक्ति, किरायेदार या बाहरी लोगों की सूचना सीधे पुलिस तक पहुंचाने की व्यवस्था
अमर उजाला ब्यूरो
जम्मू। मोहल्ले में पुलिस की मौजूदगी अब सिर्फ गश्त तक सीमित नहीं रहेगी। हर इलाके के लोगों को यह पता होगा कि उनके क्षेत्र का बीट अधिकारी कौन है, उससे कैसे सीधे संपर्क करना है। जम्मू साउथ पुलिस ने बीट स्तर पर लोगों से सीधा संवाद बढ़ाने की तैयारी की है। इसके तहत हर बीट के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाए जा रहे हैं। इनमें उस मोहल्ले के प्रबुद्ध लोगों के साथ संबंधित बीट अधिकारी का मोबाइल नंबर भी होगा।
पुलिस में बीट सिस्टम लंबे समय से है, लेकिन पुलिस इसे और ज्यादा सुविधाजनक कर रही है। नई व्यवस्था के बाद किसी मोहल्ले में संदिग्ध गतिविधि, नया किरायेदार या किसी बाहरी व्यक्ति की मौजूदगी की जानकारी सीधे संबंधित बीट अधिकारी को दी जा सकेगी। लोगों को छोटी सूचना के लिए थाने तक जाने की जरूरत नहीं होगी। पुलिस का जोर है कि स्थानीय स्तर पर मिलने वाली जानकारी समय पर विभाग तक पहुंचे, ताकि किसी संभावित घटना को पहले ही रोका जा सके। पुलिस बीट के अनुसार किरायेदारों का रिकॉर्ड भी अपडेट रखेगा जाएगा। सभी किरायेदारों का सत्यापन करने के साथ घरेलू सहायकों, ड्राइवरों और अन्य बाहरी लोगों की भी जानकारी जुटाई जाएगी। संवेदनशील स्थानों पर रात में गश्त और नाका चेकिंग बढ़ाने पर भी जोर दिया गया है।
विज्ञापन
साइबर अपराध से बचने के
लिए किया जाएगा जागरूक
लोगों को साइबर अपराध से बचने के लिए जागरूक किया जाएगा और शिकायत के लिए संबंधित हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी जाएगी। एसपी साउथ वैभव मीणा ने नो योर बीट ऑफिसर पहल को प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों और बीट कर्मचारियों को जरूरी दिशानिर्देश दिए हैं। बीट अधिकारी और स्थानीय लोगों के बीच सीधा संपर्क मजबूत करने के उद्देश्य से यह पहल की ताकि मोहल्लों में सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी दोनों बेहतर होंगी।
विज्ञापन
क्या होता है बीट अधिकारी
बीट अधिकारी वह पुलिसकर्मी होता है जिसे एक तय इलाके की जिम्मेदारी दी जाती है। वह वहां की सुरक्षा, लोगों से संपर्क और स्थानीय पुलिस संबंधी सूचनाओं पर नजर रखता है। बीट व्यवस्था को मजबूत और जमीनी स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करने के लिए ही अलग-अलग पहल की जा रही है।