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जम्मू-कश्मीर: ट्रांसजेंडर को ओबीसी केटेगरी की सभी सुविधाएं, नौकरी सहित इन जगहों पर मिलेगा आरक्षण
Mon, 17 Dec 2018 04:28 AM IST
Priyesh Mishra
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Priyesh Mishra
Updated Mon, 17 Dec 2018 04:28 AM IST
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transgender
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जम्मू-कश्मीर में ट्रांसजेंडरों के कल्याण के लिए सरकार की ओर से नीति तैयार की गई है। इसके तहत इन्हें ओबीसी केटेगरी की सभी सुविधाएं मिलेगी। यहां तक कि सरकारी नौकरियों में आरक्षण का लाभ भी। सरकार की ओर से तैयार नीति के अनुसार वैसे ट्रांसजेंडर जिनका जन्म अनुसूचित जाति (एससी) या अनुसूचित जनजाति (एसटी) संवर्ग में नहीं हुआ है ऐसे सभी को पिछड़ा वर्ग में घोषित किया जाएगा। ये सभी ओबीसी केटेगरी की आरक्षण सुविधाओं के हकदार होंगे।
Transgender in India
जो एससी या एसटी संवर्ग के होंगे वे इन संवर्ग की सुविधाओं के हकदार होंगे। इनके लिए आरक्षित सीटों के अतिरिक्त सीटों पर प्रतियोगिता करने से इन्हें रोका नहीं जाएगा। शिक्षा के साथ नौकरियों में भी आरक्षण का लाभ मिलेगा। यहां तक कि व्यवसायिक पाठ्यक्रम तथा उच्च शिक्षा में भी। विभिन्न भर्ती बोर्ड की ओर से जारी किए जाने वाले फार्म में ट्रांसजेंडर के लिए अलग से कॉलम अंकित करना होगा।
ट्रांसजेंडर
सस्ते ब्याज दर पर लोन
सरकार इनके सेवायोजन के लिए योजनाएं बना सकती हैं। खासकर वोकेशनल ट्रेनिंग व स्वरोजगार के लिए। इन सबके अलावा सरकार इनके स्वरोजगार तथा इनके उत्पादों को बाजार मुहैया कराने के लिए कम ब्याज दर पर ऋण की सुविधा भी दे सकती है।
सरकार इनके सेवायोजन के लिए योजनाएं बना सकती हैं। खासकर वोकेशनल ट्रेनिंग व स्वरोजगार के लिए। इन सबके अलावा सरकार इनके स्वरोजगार तथा इनके उत्पादों को बाजार मुहैया कराने के लिए कम ब्याज दर पर ऋण की सुविधा भी दे सकती है।
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Transgender
- फोटो : amarujala
पेंशन, संपत्ति के मालिकाना हक का भी मिलेगा अधिकार
सामाजिक सुरक्षा व पुनर्वास के तहत कम्यूनिटी सेंटर का निर्माण किया जाएगा। यहां उन्हें पौष्टिक भोजन के साथ ही स्वास्थ्य सुविधाएं भी मिलेंगी। ट्रांसजेंडर बच्चों के साथ ही वैसे लोग जिनका कोई परिवार न हो या जो अनाथ हो या जिनके पास कोई छत न हो वह यहां रह सकते हैं। आय के हिसाब से पेंशन का भी प्राविधान किया जा सकता है। ट्रांसजेंडर किसी को अपनाने या उनकी पसंद के परिवार की ओर से अपनाए जाने के लिए स्वतंत्र होंगे। संपत्ति का मालिकाना हक लेने या एक दूसरे से संपत्ति लेने का प्राविधान होगा। अलग से एचआईवी सर्विलांस सेंटर की स्थापना, मुफ्त में लिंग परिवर्तन सर्जरी तथा अस्पतालों व अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में बिना किसी रोक टोक के जाने की सुविधा भी होगी।
सामाजिक सुरक्षा व पुनर्वास के तहत कम्यूनिटी सेंटर का निर्माण किया जाएगा। यहां उन्हें पौष्टिक भोजन के साथ ही स्वास्थ्य सुविधाएं भी मिलेंगी। ट्रांसजेंडर बच्चों के साथ ही वैसे लोग जिनका कोई परिवार न हो या जो अनाथ हो या जिनके पास कोई छत न हो वह यहां रह सकते हैं। आय के हिसाब से पेंशन का भी प्राविधान किया जा सकता है। ट्रांसजेंडर किसी को अपनाने या उनकी पसंद के परिवार की ओर से अपनाए जाने के लिए स्वतंत्र होंगे। संपत्ति का मालिकाना हक लेने या एक दूसरे से संपत्ति लेने का प्राविधान होगा। अलग से एचआईवी सर्विलांस सेंटर की स्थापना, मुफ्त में लिंग परिवर्तन सर्जरी तथा अस्पतालों व अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में बिना किसी रोक टोक के जाने की सुविधा भी होगी।
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Transgender
- फोटो : amarujala
ट्रांसजेंडर वेलफेयर बोर्ड की स्थापना
जम्मू व श्रीनगर में ट्रांसजेंडर वेलफेयर बोर्ड की स्थापना की जाएगी। यह उनके अधिकारों की रक्षा तथा अन्य सुविधाओं की निगरानी करेगा। बोर्ड नोडल एजेंसी की तरह होगा जो नीति की सभी बातों के क्रियान्वयन पर काम करेगा। इसके साथ ही मुख्य सचिव की अध्यक्षता में अंतर विभागीय समिति का गठन किया जाएगा जो समन्वय स्थापित करेगा। प्रत्येक पांच साल पर इस नीति की समीक्षा होगी।
जम्मू व श्रीनगर में ट्रांसजेंडर वेलफेयर बोर्ड की स्थापना की जाएगी। यह उनके अधिकारों की रक्षा तथा अन्य सुविधाओं की निगरानी करेगा। बोर्ड नोडल एजेंसी की तरह होगा जो नीति की सभी बातों के क्रियान्वयन पर काम करेगा। इसके साथ ही मुख्य सचिव की अध्यक्षता में अंतर विभागीय समिति का गठन किया जाएगा जो समन्वय स्थापित करेगा। प्रत्येक पांच साल पर इस नीति की समीक्षा होगी।