दो सप्ताह से लगातार मिल रहे इनपुट के आधार पर सेना और पुलिस की संयुक्त टीम ने बारामुला जिले के उड़ी स्थित रामपुर ब्रिगेड के हथलंगा नाला के क्षेत्र से शनिवार को आठ घंटे की कवायद के बाद युद्ध में प्रयोग होने वाले घातक हथियार और गोला-बारूद बरामद कर एक बड़ी साजिश को नाकाम कर दिया। आशंका है कि ये हथियार सीमापार से कश्मीर घाटी में सक्रिय आतंकियों के लिए भेजे गए थे। इसमें बड़ी बात यह है कि अभी तक जम्मू में पाए जाने वाले पाकिस्तानी गुब्बारे पहली बार कश्मीर घाटी में भी जब्त किए गए। सेना और पुलिस ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी।
जम्मू कश्मीर: उड़ी में मिले युद्ध में प्रयोग होने वाले घातक हथियार, घाटी से पहली बार पाकिस्तानी गुब्बारे जब्त
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19वीं इन्फ्रैंटी डिवीजन के जीओसी मेजर जनरल अजय चांदपुरिया, 3 राजपूत के कमांडिंग अफसर कर्नल मनीष पुंज व एसएसपी बारामुला रईस मोहम्मद ने संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में बताया कि रामपुर सेक्टर हथलंगा नाला के साथ है, यहां घना कोहरा रहता है। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के दौरान लांचपैड पर संदिग्ध हलचल देखी गई। इसके बाद सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने इलाके में आठ घंटे तलाशी अभियान चलाया। कर्नल मनीष पुंज ने बताया कि पिछले दो हफ्ते में हमने मिलिट्री इंटेलिजेंस, केंद्र और राज्य की विभिन्न खुफिया एजेंसियों के इनपुट पर कई तलाशी अभियान चलाए।
रामपुर सेक्टर में ये हथियार मिले
रामपुर सेक्टर के हथलंगा नाला इलाके से आठ घंटे तक चले तलाशी अभियान में आठ एके-74 राइफल, 24 एके-74 राइफल मैगजीन, .30 एमएम की 12 चीन में बनी पिस्तौल, 24 पिस्टल मैगजीन, पिस्टल के 244 कारतूस, नौ चीन निर्मित हैंड ग्रेनेड , पांच पाकिस्तान निर्मित हैंड ग्रेनेड, आई लव पाकिस्तान के निशान वाले 81 गुब्बारे और पाकिस्तान के निशान वाले पांच सिंथेटिक बैग मिले हैं।