फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

जेटली का ब्लॉग 'कानून और जम्मू-कश्मीर' हरदम याद किया जाएगा, पूर्व पीएम नेहरू की नीति का बेबाक विरोध

Sat, 24 Aug 2019 04:53 PM IST
प्रशांत कुमार प्रशांत कुमार द्विवेदी, अमर उजाला, जम्मू
प्रशांत कुमार द्विवेदी, अमर उजाला, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Sat, 24 Aug 2019 04:53 PM IST
विज्ञापन
Jaitley's blog 'Law and Jammu and Kashmir', former finance minister arun jaitley passes away
पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू, अरुण जेटली
कश्मीर को लेकर अरुण जेटली हरदम बेबाक रहते थे। जब भी मौका आया उन्होंने कश्मीर और अखंड भारत पर खुलकर अपनी बात रखी। वह व्यक्ति का विरोध न करके नीति का विरोध करते थे। यही वजह थी कि सत्ता पक्ष हो या विपक्ष हर कोई उनकी बात को बड़ी गौर से सुनता था। एक बार कश्मीर से जुड़े एक मामले को लेकर उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू की नीतियों पर सवाल उठाए। उनका ब्लॉग 'कानून और जम्मू-कश्मीर' इस बात का प्रमाण है।


आगे की स्लाइड में- कश्मीर मामले पर जेटली की बेबाक राय
Jaitley's blog 'Law and Jammu and Kashmir', former finance minister arun jaitley passes away
अरुण जेटली - फोटो : अमर उजाला
ब्लॉग जिसका शीर्षक 'कानून और जम्मू-कश्मीर' है उसमें वह लिखते हैं कि जम्मू-कश्मीर का सात दशक का इतिहास बदलते भारत के साथ कई सवालों का सामना कर रहा है। ज्यादातर भारतीयों का मानना है कि कश्मीर मामले में नेहरू का अपनाया रास्ता ऐतिहासिक गलती थी। सवाल उठाते हुए जेटली ने पूछा था क्या हमारी नीतियां दोषपूर्ण नजरिए के हिसाब से चलनी चाहिए या लीक से हटकर जमीनी हकीकत के मुताबिक।


 
Jaitley's blog 'Law and Jammu and Kashmir', former finance minister arun jaitley passes away
अरुण जेटली
अपने ब्लॉग में उन्होंने लिखा कि अब समय आ गया है कि हम विशेष दर्जे से अलगाव तक की यात्रा को विराम दें। इस अनुच्छेद की वजह से जम्मू कश्मीर में निवेश और रोजगार सृजन करने में बाधा उत्पन्न हुई। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 35-ए को संविधान में चुपके से जोड़ा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
Jaitley's blog 'Law and Jammu and Kashmir', former finance minister arun jaitley passes away
अरुण जेटली (फाइल फोटो) - फोटो : अमर उजाला
उन्होंने सवाल उठाया कि जो कानून पूरे देश में लागू होता है, वह जम्मू-कश्मीर में क्यों नहीं लागू होता। उन्होंने लिखा कि जो लोग जम्मू और कश्मीर में विनाशकारी गतिविधियों से जुड़े हैं, उनसे ठीक वैसे ही निपटा जाएगा जैसे बाकी देश में निपटा जाता है।

 
विज्ञापन
Jaitley's blog 'Law and Jammu and Kashmir', former finance minister arun jaitley passes away
अरुण जेटली

बात जब देश के रक्षा मामले से जुड़ी होती थी जेटली अपना पक्ष रखने में देर नहीं करते थे। पाकिस्तान के बालाकोट में की गई भारतीय वायुसेना की एयर स्ट्राइक को लेकर सैम पित्रोदा के बयान पर अरुण जेटली ने उन्हें जमकर  खरीखोंटी सुनाई थी। उनके बयान को दुर्भाग्यपूर्ण और पाकिस्तान की बातों का समर्थन करने वाला बताया था। जेटली ने कहा कि बैकफुट पर रहते हुए आतंक के खिलाफ जंग नहीं जीती जा सकती। जेटली ने भारत की सिक्यॉरिटी डॉक्ट्रिन अब बदल गई है। जहां से आतंकवाद की उत्पत्ति होती है, हम वहां हमला करते हैं। देश की राजनीति में जेटली को उनकी निर्भीक शैली के लिए सदैव याद किया जाएगा।

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed