जम्मू-कश्मीर के गुरेज सेक्टर में बीमार गर्भवती महिला के लिए सेना ने देवदूत बनकर मदद की। गंभीर बीमारी से ग्रसित गर्भवती को जवानों ने अस्पताल पहुंचाया। इतना ही नहीं विशेष चिकित्सा देखभाल के लिए गर्भवती को गुरेज से एयरलिफ्ट किया।
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गर्भवती की सेना ने देवदूत बनकर मदद की
- फोटो : भारतीय सेना
इससे पहले बारामुला जिले के दर्दपोरा गांव में बर्फबारी में फंसी एक गर्भवती की सेना ने देवदूत बनकर मदद की थी। शमीमा नाम की इस महिला को अस्पताल में तत्काल भर्ती कराने की जरूरत थी। परिवार वालों की मदद की गुहार पर महिला को स्ट्रेचर पर लेकर 150 जवानों तथा 30 नागरिकों ने छह घंटे पैदल चलकर महिला को अस्पताल पहुंचाया था।
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गर्भवती की सेना ने देवदूत बनकर मदद की
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर सेना की बहादुरी की मिसाल दी। उन्होंने लिखा कि हमारी सेना को उसकी वीरता, प्रोफेशनलिज्म और मानवता के लिए जाना जाता है। जब भी लोगों को जरूरत होती है, हमारी सेना हरसंभव मदद करती है। हमारी सेना पर गर्व है। उन्होंने शमीमा और बच्चे के स्वास्थ्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
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वहीं घाटी में लगातार हो रही भारी बर्फबारी में लच्छीपूरा इलाके में एक नागरिक फंस गया। जानकारी मिलते ही जवानों ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया।
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कड़ी मशक्कत के बाद बर्फ में दबे नागिरक तारिक इकबाल को सुरक्षित बाहर निकाला। साथ ही उसे स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया। यह घटना इसी महीने की 14 तारीख की है।