कोरोना महामारी एक बार फिर से युवा वर्ग पर भारी पड़ रही है। खाकी और भारतीय सेना की वर्दी पहनने का सपना देखने वाले युवाओं का सपना साकार होता नजर नहीं आ रहा। अब तक पुलिस और सेना की भर्ती कोरोना महामारी के चलते टाल दी गई है। खासकर सीमांत युवाओं को दो दशकों बाद विशेष भर्ती का तोहफा मिला था। जो अभी उन तक नहीं पहुंच पाया।
कोरोना की मार: लगातार दूसरे साल खाकी पहनने का सपना नहीं हुआ साकार
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पुलिस की ओर से दो बॉर्डर बटालियन का गठन होना है। इसके लिए कई औपचारिकताएं पूरी कर ली गईं थी, जबकि शारीरिक जांच और दौड़ की औपचारिकताएं बाकी थीं। लेकिन कोरोना महामारी के चलते यह औपचारिकता टाल दी गई है।
इसके अलावा सुजवां में हुई सेना की भर्ती का भी शारीरिक टेस्ट व अन्य औपचारिकताएं फिलहाल टाल दी गई है। सेना के प्रवक्ता का कहना है कि कोरोना महामारी में कुछ सुधार आने के बाद ही दोबारा भर्ती होगी। इसके अलावा फिलहाल आने वाले दिनों में होने वाली इस तरह की गतिविधियों को रोक दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि 1300 से अधिक पदों पर बार्डर बटालियन की भर्ती होनी थी। वर्ष 2020 में ही पुलिस की यह भर्ती होनी थी। लेकिन कोरोना महामारी के चलते भर्ती टाल दी गई। अभी कुछ महीने पहले ही दोबारा भर्ती की प्रक्रिया शुरू की गई। लेकिन कोरोना के बढ़ते मामलों को लेकर फिर से भर्ती टाल दी गई।
सीमांत गांव घराना के रहने वाले अभय कुमार का कहना है कि काफी समय से इसकी तैयारी में लगा हुआ था। पिछले साल से ही इंतजार कर रहा हूं, लेकिन कोरोना के चलते ऐसा नहीं हो पा रहा। सुचेतगढ़ के रवि का कहना है कि वह भी तैयारी में लगा हुआ था। लेकिन भर्ती नहीं हो पा रही।