जम्मू संभाग के हर जिले में नशा मुक्ति केंद्र खोलने और जम्मू में संभाग स्तर का केंद्र खोलने की पुलिस की योजना ठंडे बस्ते में चली गई है, जबकि प्रदेश के अधिकतर युवा नशे के दलदल में धंसते जा रहे हैं। नशा तस्करी का ग्राफ भी लगातर बढ़ रहा है। पुलिस कार्रवाई तो कर रही है, लेकिन इसकी गिरफ्त में फंस चुके युवाओं को इस दलदल से बाहर निकालने के लिए गंभीर नहीं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : social media
जानकारी के अनुसार पूरे जम्मू संभाग से जम्मू के मनोचिकित्सक अस्पताल स्थित नशा मुक्ति केंद्र में युवा आते हैं, जो नशे की लत में जकड़ चुके हैं। इस केंद्र में हर रोज 300 युवा अपनी जांच कराने पहुुंचते हैं और इनमें से 50 से 60 नए मामले सामने होते हैं। इस समय नशा मुक्ति केंद्र में 845 पीड़ितों का इलाज चल रहा है।
बीते पांच साल में लगातार हर साल नशा करने वाले 100 से 200 नए लोगों का इलाज शुरू होता है, लेकिन पिछले पांच साल में कोई नया नशा मुक्ति केंद्र संभाग में नहीं बन पाया है। जम्मू जिले के अलावा अन्य जिलों में कोई नशा मुक्ति केंद्र नहीं है। जम्मू संभाग के दस जिलों के युवा नशा छुड़ाने के लिए जम्मू ही आते हैं। पुलिस की योजना हर जिले में नशा मुक्ति केंद्र स्थापित करने की है, लेकिन इस पर कोई काम नहीं हो पा रहा।
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जम्मू कश्मीर पुलिस
- फोटो : सोशल मीडिया
हर साल 1100 से अधिक मामले नशा तस्करी के सामने आते हैं, जिनसे नशे का सामान मिलता है। यहां तक कि अब युवाओं पर नशा इस कद्र हावी हो चुका है कि वे इसकी लत को पूरा करने के लिए चोरियां और झपटमारी जैसी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं।
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जम्मू कश्मीर पुलिस
- फोटो : अमर उजाला
नशा मुक्ति केंद्रों के न बनने पर जब आईजी जम्मू से बात की गई तो उन्होंने इसका कोई जवाब नहीं दिया।