गर्मी आते ही कठुआ जिले में जलस्तर गिरने के कारण अब कंडी क्षेत्र के साथ निचले क्षेत्रों में पेयजल संकट गहराने लगा है। शहर से सटे जराई पंचायत के चार गांवों में अभी से ही हैंडपंप और कुओं के सूखने से लोगों की परेशानी बढ़ने लगी है। ट्यूबवेल नाममात्र हैं, तो वहीं हैंडपंपों से भी पानी नहीं आ रहा। करीब 5 हजार की आबादी वाली पंचायत की सरपंच आराधना अंदोत्रा और पंच प्रतिनिधियों ने गांव में बढ़ रही पेयजल की किल्लत की जानकारी देते हुए कहा कि पंचायत की पेयजल की जरूरत को पूरा करने के लिए जराई में ट्यूबवेल लगा हुआ है, लेकिन वहां से पंचायत के जराई और गुज्जर बस्ती में पानी की सप्लाई हो पाती है।
जम्मू-कश्मीर: गर्मी आते ही बढ़ने लगी लोगों की परेशानी, पढ़िए पानी की किल्लत की कहानी
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वहीं मकसूसपुर, रैहड, माजरा, भागथली में जगह-जगह से क्षतिग्रस्त पाइप लाइन के कारण इन गांवों में पानी की सप्लाई पिछले कई सालों से नहीं हो रही है। लोगों ने अपनी पेयजल की जरूरत को पूरा करने के लिए हैंडपंप लगा रखे हैं। लेकिन हर साल गर्मी के मौसम मे हैंडपंप से पानी आना बंद हो जाता है। इसके चलते लोगों को खेत में लगे बड़े बोर का सहारा लेना पड़ता है।
यह सिलसिला पिछले दस साल से लगातार जारी है। पहले लोग जैसे तैसे गुजारा कर लेते थे, क्योंकि इस तरह से हैंडपंप और कुओं के सूखने का क्रम मई और जून के महीने में शुरू होता था। लेकिन इस बार मार्च महीने से ही हैंडपंप सूखने लगे है। ऐसे में एक बार फिर गांव में लोगों को प्यास बुझाने के लिए दरबदर होना तय हो गया है।
उन्होंने बताया कि गांव में व्याप्त इस समस्या के समाधान के लिए भागथली में नए ट्यूबवेल के निर्माण को मंजूरी भी मिली है। जिसके निर्माण के लिए पंचायत द्वारा प्रस्ताव पारित कर करीब 10 मरला जमीन देने सहमति बना ली गई है और इसकी जानकारी भी जलशक्ति विभाग को दी जा चुकी है।
करीब एक साल बीत जाने के बाद भी अभी तक ट्यूबवेल के निर्माण की प्रक्रिया नही शुरू हो पाई है। उन्होंने गांव के लिए मंजूर हुए ट्यूबवेल का निर्माण जल्द शुरू करवाने की मांग की है।