कोविड टेस्ट में अक्सर कोरोना संक्रमित पाए जाने पर लोग तनाव में चले जाते हैं। इससे इम्यूनिटी भी कमजोर होती है। कोरेेना को हराने के लिए कोरोना संक्रमित पाए जाने पर संयम बनाए रखते हुए होम आइसोलेशन में चले जाना चाहिए। अस्पताल के बजाए होम आइसोलेशन में रहने से मरीज का आत्म विश्वास बढ़ता है।
डॉक्टर(आयुर्वेदिक) अशोक शर्मा, जम्मू का कहना है कि अगर संक्रमित मरीजों में लक्षण हल्के हैं तो वह नियमित तौर पर व्यायाम के अलावा योग के विभिन्न आसन कर सकते हैं। इससे उन्हें रिकवर होने में मदद मिलेगी। ताजे फलों के साथ-साथ संतुलित आहार लेना भी बहुत जरूरी है। हालांकि, होम आइसोलेशन में परिवार के अन्य सदस्यों के संपर्क में नहीं आना चाहिए और कोविड प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करना चाहिए। होम आइसोलेशन में सेहत बिगड़ने खासतौर से सांस की तकलीफ होने पर तुरंत डॉक्टर की सलाह पर अस्पताल में भर्ती हो जाना चाहिए।
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जम्मू-कश्मीर में कोरोना वायरस
- फोटो : अमर उजाला
डॉ. अशोक शर्मा का कहना है कि कोविड वैक्सीन को अपनी बारी पर हर नागरिक को लगवाना चाहिए। देखा गया है कि दोनों वैक्सीन लगवा चुके लोगों में संक्रमण काफी कम हो रहा है। संक्रमण हो भी रहा है तो उनकी जान को खतरा नहीं है।
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जम्मू-कश्मीर में कोरोना वायरस
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इसके अलावा बहुत जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलना चाहिए और घर से बाहर जाते समय डबल मास्क पहने लें। इससे ज्यादा सुरक्षा मिलेगी। फिलहाल ज्यादा घूमने फिरने का समय नहीं है।
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जम्मू-कश्मीर में कोरोना वायरस
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इसलिए अपना जरूरी काम करके तुरंत घर लौट आना चाहिए। बच्चों को बाहर न लेकर जाएं। सभी नागरिक एकजुट होकर संकल्प लेकर कोरोना को हरा सकते हैं। केवल सरकार या स्वास्थ्य विभाग अकेले कोरोना से जंग नहीं जीत सकते।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
घर में रहकर यह करें
- संक्रमित मरीज होम आइसोलेशन में हवादार कमरे में रहें, जिनके साथ शौचालय हो।
- घर के भीतर अन्य सदस्यों के संपर्क में न आएं।
- हाथों को कम से कम 20 सेकेंड तक साबुन और पानी से बार-बार धोते रहें।
- घरेलू सामान जैसे बर्तन, तौलिया और बिस्तर आदि साझा न करें।