कोरोना की दूसरी लहर से मुकाबला करने के लिए कोविड वैक्सीन ही बड़ा सुरक्षा कवच है। विशेषज्ञ डॉक्टरों का कहना है कि वैक्सीन लेने से मानव शरीर में वायरस से लड़ने के लिए प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। वैक्सीन लेने के बाद अगर आप कोरोना से पीड़ित भी हो जाते हैं तो संक्रमण ज्यादा असर नहीं दिखाता है और पीड़ित को जल्द रिकवर होने में मदद मिलती है। ऐसा दावा है कि वैक्सीन लेने के चार सप्ताह बाद मानव शरीर में एंटीबॉडी विकसित होनी शुरू हो जाती है।
कोरोना से जंग में वैक्सीन ही बड़ा कवच: टीकाकरण के बाद यह एहतियात बरतें, लापरवाही मत करें
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जम्मू-कश्मीर में अब तक हेल्थ केयर वर्कर्स, फ्रंटलाइन वर्कर्स और 45 वर्ष से ऊपर के लोगों को कोविशील्ड वैक्सीन दी गई है। प्रदेश में वैक्सीन की जिम्मेदारी संभाल रहे परिवार कल्याण विभाग के निदेशक डॉ. सलीम उर रहमान ने कहा कि प्रदेश में अब तक 19 लाख लोगों को कोविशील्ड वैक्सीन की डोज दी जा चुकी है। लेकिन कहीं से कोई बड़ी रिएक्शन की सूचना नहीं है। वैक्सीन के आम रिएक्शन मामले ही मिले हैं, जो सामान्य वैक्सीन में भी होते हैं।
प्रदेश में प्रत्येक लाभार्थी को 5 एमएल की दो डोज दी जा रही है, जिसमें दूसरी डोज 6 से 8 सप्ताह के अंतराल में दी जा रही है। आधार कार्ड के माध्यम से लाभार्थी किसी भी सरकारी या निजी वैक्सीन केंद्र पर वैक्सीन ले सकता है। एक मई से शुरू हो रहे व्यापक वैक्सीन अभियान के लिए केंद्र से डेढ़ करोड़ वैक्सीन की मांग की गई है।
सुपर स्पेशलिटी अस्पताल के कार्डियोलाजी विभाग के एचओडी डॉ. सुशील शर्मा का कहना है कि हृदय रोगियों के लिए भी वैक्सीन सुरक्षित है। वैक्सीन लेने से उनके शरीर में वायरस से लड़ने के लिए शारीरिक क्षमता बढ़ती है। इनमें विभिन्न तरह की हृदय सर्जरी कराने वाले भी वैक्सीन ले सकते हैं। लेकिन वे एक बार डॉक्टर से सलाह ले लें। वैक्सीन से हृदय रोगियों में गंभीर रिएक्शन के कोई मामले नहीं मिले हैं।
अगर आपको बुखार है, कोई एलर्जी है, गर्भवती हैं या इसे लेकर कोई योजना है, स्तनपान कराती हैं, शरीर में खून निकलने संबंधी कोई समस्या है, तो वैक्सीन लेते समय हेल्थ वर्कर्स को यह बताना जरूरी है। पहली डोज लेने पर अगर कोई एलर्जी होती है तो डॉक्टर से सलाह लें।