सेना और पुलिस के अधिकारियों ने शनिवार को कहा कि उत्तरी कश्मीर के बारामुला जिले के यदीपोरा पट्टन में मारे गए तीन आतंकवादी हिजबुल मुजाहिदीन के थे। चार साल से अधिक समय के बाद पट्टन में आतंकी मारे गए हैं। आतंकी संगठन हिजबुल उत्तरी कश्मीर में फिर से खुद को स्थापित करने की साजिश रच रहा है। लेकिन सतर्क सेना ऐसी चालों को नाकाम करने के लिए तैयार है।
उत्तरी कश्मीर को लेकर हिजबुल रच रहा ये साजिश, जानिए कितना चुनौतीपूर्ण था ऑपरेशन पट्टन
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उत्तर कश्मीर रेंज के पुलिस उपमहानिरीक्षक मोहम्मद सुलेमान चौधरी ने हैदरबेग-पट्टन में कहा कि इनपुट के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस, सेना और सीआरपीएफ की संयुक्त टीमों ने सुबह पांच बजे पट्टन के यदीपोरा में घेराबंदी की। आतंकवादी एक घर में छिपे हुए थे। बच्चों सहित 12 नागरिक थे जिन्हें आतंकवादियों ने बंधक बना लिया था। नागरिकों को उस स्थान से निकालकर सुरक्षित जगह पहुंचाया गया। इस दौरान सेना के एक मेजर और दो विशेष ऑपरेशन ग्रुप (एसओजी) के जवान घायल हो गए। हालांकि सभी की हालत स्थिर है ।
उन्होंने बताया कि मारे गए आतंकवादियों में से दो स्थानीय थे। उनकी पहचान रावतपोरा, डेलिना के शफाकत अली खान और पुराने शहर बारामुला के हनन बिलाल सोफी के रूप में की गई है। तीसरे आतंकी की शिनाख्त अभी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि दो एके-47 राइफल, चार मैगजीन, एक पिस्टल और दो पिस्टल मैगजीन के साथ ही आपत्तिजनक सामग्री भी बरामद हुई है।
कमांडर 20 सेक्टर आरआर, ब्रिगेडियर एन के मिश्रा ने कहा कि तीनों आतंकवादियों को आत्मसमर्पण करने का अवसर दिया गया था। इसी दौरान छिपे हुए आतंकवादियों में से एक ने एक गोली चलाई जो हमारे मेजर रोहित को लगी। अब उनकी हालत स्थिर है। ब्रिगेडियर ने बताया कि यह ऑपरेशन 12 घंटे तक चला। इस ऑपरेशन में 12 नागरिकों को निकालना हमारी पहली प्राथमिकता थी। मारे गए आतंकी लंबे समय से इलाके में सक्रिय थे। साथ ही सुरक्षाबलों पर हुए हमलों में शामिल थे।
एक प्रश्न के उत्तर में सेना के अधिकारी ने कहा कि उत्तरी कश्मीर में स्थानीय आतंकवादी भर्ती कम हो गई है। उन्होंने कहा कि 2018 में 38 आतंकवादी बने थे। इस साल संख्या बहुत कम है। उन्होंने कहा कि जब भी कोई स्थानीय युवा आतंकवाद में शामिल होता है, तो सेना उसके माता-पिता और रिश्तेदारों से संपर्क करती है। ताकि उसे वापस लाया जा सके। हम इस मोर्चे पर सफल रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि इस क्षेत्र के युवा मुख्यधारा में शामिल होंगे, तो यह क्षेत्र (उत्तरी कश्मीर) विकास के मोर्चे पर देश का सबसे अच्छा क्षेत्र होगा।"
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