{"_id":"584ae54e4f1c1b104f44abab","slug":"asia-s-longest-highway-tunnel","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"एशिया की सबसे बड़ी हाईवे टनल के खुलने में लगेगा 5 महीने का वक्त, जानें खूबियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एशिया की सबसे बड़ी हाईवे टनल के खुलने में लगेगा 5 महीने का वक्त, जानें खूबियां
ब्यूरो, अमर उजाला/चिनैनी
Updated Sat, 10 Dec 2016 07:33 PM IST
विज्ञापन
nashari tunnel
- फोटो : Amar Ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जम्मू कश्मीर के उधमपुर के पास चिनैनी को रामबन जिले के नाशरी को जोड़ने वाली एशिया की सबसे बड़ी टनल का लाभ लोगों को इस वर्ष नहीं मिल सकेगा। यात्रियों के लिए भारत सरकार द्वारा बनाई जा रही यह टनल इस वर्ष भी नहीं खोली जा सकेगी। टनल के दक्षिणी तरफ सीसीटीवी, टोल प्लाजा और लाइटिंग का काम अभी बाकी है। वहीं उत्तरी तरफ वेंटिलेशन सहित टोल प्लाजा की बिल्डिंग बनाने का काम होना है।
nashari
- फोटो : File Photo
इस टनल की लंबाई 9.2 किलोमीटर है। इस टनल के बन जाने से जम्मू श्रीनगर हाईवे पर दूरी 31 किलोमीटर कम हो जाएगी। जिससे कम समय में वाहन जम्मू से श्रीनगर और श्रीनगर से जम्मू पहुंच सकेंगे। अनुमान के मुताबिक इस टनल के जरिए डेढ़ घंटे का सफर 10 मिनट में पूरा होगा। चिनैनी-नाशरी टनल पर यातायात खुलने के बाद सालाना करीब 100 करोड़ रुपये के पेट्रोल व डीजल की बचत होगी।
nashari
- फोटो : File Photo
टनल के अंदर हर छह सौ मीटर पर लेवाई यानी सड़क चौड़ी होगी, जिसमें टनल में खराब वाहनों को लाया जाएगा, ताकि टनल के अंदर जाम की स्थिति उत्पन्न न हो। कई स्थानों पर क्रेन भी होगी। टनल के अंदर हर तीन सौ मीटर पर क्रासिंग है, जिसका रास्ता छोटे टनल में होगा। चिनैनी नाशरी में एक बड़ा टनल है और एक छोटा टनल है। छोटा टनल आपात स्थिति में काम आएगा। अब हर किसी की नजर एशिया के सबसे बड़े टनल पर है।
विज्ञापन
विज्ञापन
nashari
- फोटो : File Photo
टनल का काम इसी वर्ष मई में पूरा होना था, पर अब भी यात्रियों को चार से पांच महीने और इंतजार करना पड़ सकता है। वर्ष 2010 में जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर चिनैनी से नाशरी टनल का काम शुरू किया गया था। टनल को उस समय नेशनल हाईवे अथारिटी द्वारा लाइटन कंपनी के हवाले किया गया। लगभग चार साल तक टनल का काम करने के बाद उक्त कंपनी ने काम छोड़ दिया।
विज्ञापन
nashari
- फोटो : File Photo
इसका कारण था कंपनी में मजदूरों द्वारा लगातार तीन माह तक की जाने वाली हड़ताल। लाइटन के बाद यह काम आईएसएफएस नाम की कंपनी को दिया गया। इसने इस काम को कुछ अन्य कंपनियों को दे दिया गया। टनल को तैयार करने के लिए कंपनियों ने मई 2016 तक का समय दिया था, लेकिन अभी तक काम पूरा नहीं हो पाया। ऐसे में इस वर्ष इसे खोला नहीं जा सकेगा।