कश्मीर घाटी के अनंतनाग में मंगलवार को आतंकी हमले के बाद बैक टू विलेज 2 कार्यक्रम के लिए सुरक्षा बढ़ा दी गई है। केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर के सभी 20 जिलों में 30 नवंबर तक होने वाले इस आयोजन के लिए सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है।
अनंतनाग ग्रेनेड हमले के बाद घाटी में बैक टू विलेज कार्यक्रमों के लिए अतिरिक्त सुरक्षा
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सुरक्षाकर्मी कार्यक्रम शुरू होने से खत्म होने तक तैनात रहेंगे। कार्यक्रमों में शामिल होने वाले पंचों-सरपंचों की सुरक्षा भी बढ़ाई गई है। इन्हें घरों तक सुरक्षित पहुंचाया जाएगा। पंचों-सरपंचों को भी हिदायत दी गई हैं कि वे कार्यक्रम खत्म होने के बाद सीधे घर जाएं।
आतंकियों ने मंगलवार को दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग जिले में बैक टू विलेज कार्यक्रम स्थल के बाहर फायरिंग की थी। भागने से पहले आतंकियों ने ग्रेनेड भी फेंका था। हमले में सरपंच मोहम्मद रफीक और कृषि विभाग के कर्मचारी जहूर अहमद की मौत हो गई थी। दो अन्य स्थानीय लोग घायल हुए थे।
एडीजी (लॉं एंड ऑर्डर एंड सेक्योरिटी) मुनीर अहमद खान ने बताया कि आतंकी घटना के बाद सुरक्षा व्यवस्था में बदलाव किया गया है। उनके अनुसार कार्यक्रम स्थलों के आसपास अतिरिक्त जवानों की तैनाती, बुलेट प्रूफ बंकर आदि की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सभी डीआईजी और ज़िला एसएसपी को निर्देश दिए गए हैं हर जिले के जिला उपायुक्त के साथ समन्वय बनाते हुए सुरक्षा के प्रबंध किए जाएं।
दक्षिण कश्मीर के डीआईजी अतुल गोयल ने बताया कि अनंतनाग, शोपियां और कुलगाम जिले में सभी एसएचओ और संबंधित पुलिस अफसरों से कहा गया है कि वे अपने-अपने इलाके में सुरक्षा की खुद निगरानी करें। सरपंचों और पंचों की सुरक्षा के लिए हिदायतें जारी कर दी गई हैं। मध्य कश्मीर के डीआईजी विधि कुमार विरदी का कहना है कि अनंतनाग की घटना कार्यक्रम खत्म होने के बाद हुई थी। बावजूद इसके अब सुरक्षा का दायरा बढ़ा दिया गया है।