फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

बड़ा सवाल : भारत बंद से भी न मानी सरकार तो क्या करेंगे किसान, हो सकता है बड़ा फैसला

Fri, 26 Mar 2021 03:40 PM IST
निवेदिता वर्मा अंकित चौहान, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)
अंकित चौहान, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा) Published by: निवेदिता वर्मा Updated Fri, 26 Mar 2021 03:40 PM IST
विज्ञापन
Farmers organisation may take big decision after bharat band
चंडीगढ़ में भारत बंद के दौरान सड़क पर लेटा प्रदर्शनकारी। - फोटो : अमर उजाला
कृषि कानूनों को रद्द कराने और सरकार पर दबाव बनाने के लिए किसानों ने शुक्रवार को भारत बंद का फैसला लिया। चार महीने और 11 दौर की बातचीत के बाद भी न सरकार मान रही है और न किसान। जनवरी के बाद से बातचीत का दौर भी थमा हुआ है। सरकार किसानों से बातचीत नहीं कर रही है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि अगर सरकार भारत बंद के बाद भी न मानी तो क्या होगा। सूत्रों के अनुसार, अगर सरकार न झुकी तो किसान बड़ा फैसला ले सकते हैं। शुक्रवार के भारत बंद को जहां पंजाब में पूरा समर्थन मिला वहीं हरियाणा में इसका मिला जुला असर दिखा। अब किसान नेताओं का कहना है कि कृषि कानून रद्द कराने के बाद ही हम वापस जाएंगे। चार महीने से किसान हाईवे पर डटे हैं। किसानों व सरकार के बीच कई बार बातचीत हो चुकी है। गृहमंत्री अमित शाह भी किसानों से वार्ता कर चुके हैं। इसके बावजूद अभी तक कोई हल नहीं निकल सका है। सरकार को किसानों की ताकत का अंदाजा नहीं है। 

 
Farmers organisation may take big decision after bharat band
भारत बंद के दौरान चंडीगढ़ में सड़क पर बैठे किसान। - फोटो : अमर उजाला
किसान नेता गुरनाम सिंह चढूनी, राकेश टिकैत समेत कई नेता पहले से बड़े फैसले के पक्ष में खड़े थे, वहीं अब अन्य कई संगठनों के नेता भी उस पर सहमति दे रहे हैं। हालांकि संयुक्त किसान मोर्चा ने साफ कर दिया है कि भारत बंद की समीक्षा के लिए बैठक की जाएगी। इसके बाद ही आंदोलन की अगली रणनीति बनाई जाएगी। 
 
Farmers organisation may take big decision after bharat band
हरियाणा में भारत बंद - फोटो : अमर उजाला
अब किसान संगठनों में संसद कूच से लेकर अन्य नेशनल हाईवे जाम करने सहित कई कड़े निर्णय लेने पर चर्चा चल रही है। सरकार से बातचीत का प्रस्ताव नहीं मिलने के कारण किसानों का धैर्य भी खत्म होता जा रहा है।

 
विज्ञापन
विज्ञापन
Farmers organisation may take big decision after bharat band
चंडीगढ़ में दुकानें बंद करवाते किसान। - फोटो : अमर उजाला
दूसरी ओर फसल कटाई का काम भी शुरू हो गया है। ऐसे में किसानों को दिल्ली की सीमाओं पर रोकना किसान नेताओं के लिए मुश्किल हो गया है। यही कारण है कि 26 जनवरी को ट्रैक्टर परेड के दो महीने बाद भारत बंद का बड़ा फैसला लिया गया। 
 
विज्ञापन
Farmers organisation may take big decision after bharat band
भारत बंद के दौरान सड़कों पर बैठे किसान। - फोटो : अमर उजाला
आंदोलन लंबा हो रहा है और किसानों का धैर्य भी जवाब देने लगा है। किसान अपना हक लेने के बाद ही घर में कदम रखेगा। सरकार इसलिए बातचीत नहीं कर रही है, ताकि किसान परेशान होकर वापस चला जाए। यह सरकार की गलतफहमी है। किसानों को बड़ा फैसला लेना होगा और संयुक्त किसान मोर्चा के अधिकतर संगठन इस पक्ष में खड़े हो रहे हैं।  - गुरनाम सिंह चढूनी, अध्यक्ष भाकियू हरियाणा
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed