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अनुसूचित जाति के लोगों का बहिष्कार: अपने ही गांव में बेगाने हुए लोग, दूसरे गांव से दूध, राशन सहित जरूरत का सामान लाने को मजबूर

Thu, 14 Oct 2021 07:02 PM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, जींद (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Thu, 14 Oct 2021 07:02 PM IST
सार

छात्तर गांव में विवाद यूं तो एक अगस्त से चल रहा है, लेकिन यह मामाल मीडिया में आने के बाद प्रशासन यहां फिर से सक्रिय हुआ है। छात्तर गांव उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के विधानसभा क्षेत्र में आता है। लोगों के सामाजिक बहिष्कार के बाद लोग अपने ही गांव में बेगाने हो गए हैं।

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Social boycott of scheduled caste people in Chhatar village of Jind
पूरे मामले पर चर्चा करते अनुसूचित जाति के लोग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
जिले के छात्तर गांव में अनुसूचित जाति के लोगों के सामाजिक बहिष्कार के बाद गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है। हालांकि प्रशासन सब कुछ ठीकठाक दिखाने का प्रयास कर रहा है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और है। गांव के अनुसूचित जाति के लोगों का कहना है कि उन्हें गांव में दूध व राशन तक नहीं मिल रहा है। इसके लिए भी पास के दूसरे गांवों में जाना पड़ रहा है। हालांकि घटना को एक महीना बीत चुका है, लेकिन पहली बार राशन व जरूरी सामान की स्थिति जानने के लिए जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय की टीम छात्तर गांव पहुंची। छात्तर गांव में विवाद यूं तो एक अगस्त से चल रहा है, लेकिन यह मामाल मीडिया में आने के बाद प्रशासन यहां फिर से सक्रिय हुआ है। छात्तर गांव उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के विधानसभा क्षेत्र में आता है।

26 सितंबर को करीब 150 परिवारों का सामाजिक बहिष्कार किया गया

Social boycott of scheduled caste people in Chhatar village of Jind
गांव में सुनसान पड़ी अनुसूचित जाति के लोगों की गली - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
अनुसूचित जाति के लोगों का कहना है कि 26 सितंबर को करीब 150 परिवारों का सामाजिक बहिष्कार किया गया। इसके लिए गांव में पंचायत हुई। इसके बाद भी प्रशासन मामले को दबाने में लगा रहा। गांव में अनुसूचित जाति के चार मोहल्ले हैं। इनमें से एक मोहल्ले के लोगों का कहना है कि उनका बहिष्कार किया गया है। इसके चलते उन्हें गांव में कोई भी सामान नहीं मिल रहा है। यहां तक की छोटी से छोटी चीज खरीदने के लिए पास के गांवों में जाना पड़ता है।

मामला मीडिया में आने के बाद गांव में बढ़ी हलचल

Social boycott of scheduled caste people in Chhatar village of Jind
छात्तर गांव की गली - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
मामला मीडिया में आने के बाद वीरवार को कई संगठनों के लोग गांव में पहुंचे। एसे बाहरी लोगों के गांव में जाने से हलचल बढ़ी हुई है, लेकिन ग्रामीणों में बेचैनी साफ महसूस की जा सकती है। वीरवार को बहुजन समाज पार्टी का प्रतिनिधिमंडल गांव में पहुंचा और स्थिति जानी। इसके अलावा अन्य कई संगठन व एनजीओ की टीम भी गांव में गई हैं।

 

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भीम आर्मी ने 16 अक्तूबर से जिला मुख्यालय पर आंदोलन का ऐलान किया

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मामले की जानकारी देते अनुसूचित जाति के दलबीर सिंह - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
इस मामले में भीम आर्मी ने 16 अक्तूबर से जिला मुख्यालय पर आंदोलन का ऐलान किया है। भीम आर्मी के जिला प्रधान संदीप बराह कलां ने बताया कि प्रशासन लगातार मामले में ढील बरत रहा है। ऐसे में अब जिला स्तर पर आंदोलन शुरू किया जाएगा
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गांव में सौहार्द बनाने के लिए प्रशासन लगातार काम कर रहा है: एसपी

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लघु सचिवालय पहुंचे छात्तर गांव के लोग। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

गांव में सौहार्द बनाने के लिए प्रशासन लगातार काम कर रहा है। 23 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया गया। प्रशासन गांव पर लगातार नजर रख रहा है। किसी को भी घबराने की जरूरत नहीं है।
-वसीम अकरम, एसपी, जींद।

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