हरियाणा के कुरुक्षेत्र के गांव मिरचहेड़ी से मंगल कामना के लिए पीर के दर पर जा रहे 17 लोग रास्ते में ही जींद में हादसे का शिकार हो गए। इन 17 लोगों में से आठ की मौत हो गई, जबकि नौ घायल हैं। नरवाना के बिधराना गांव के आसपास हुए हादसे में जिस टाटा मैजिक में श्रद्धालु सवार थे, उस गाड़ी में लकड़ियों से लदे ट्रॉले ने टक्कर मार दी। हादसा रात में होने की वजह से ज्यादा परेशानी आई। टक्कर लगते ही लोगों की चीख-पुकार मच गई। घायल लोग दर्द से कराह रहे थे।
Haryana: मंगल कामना के लिए जा रहे थे पीर की दर, रास्ते में हो गया बड़ा हादसा, 8 एंबुलेंस मौके पर पहुंची
ट्राले से टक्कर लगते ही चीख-पुकार मच गई थी। खाने का सामान भी चारों तरफ बिखर गया था। पुलिस पहुंची तो लोग दर्द से कराह रहे थे। स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया और 8 एंबुलेंस मौके पर भेजी। रात को ड्यूटी के लिए चार डॉक्टर बुलाए। दो चिकित्सकों ने पोस्टमार्टम किए। एसडीएम दलजीत सिंह अस्पताल पहुंचे।परिजनों को सांत्वना दी।
सुबह भी दो चिकित्सकों ने सभी शवों का पोस्टमार्टम किया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। एसडीएम दलजीत सिंह अस्पताल पहुंचे और परिजनों को सांत्वना दी। एसडीएम ने चिकित्सकों व पुलिस कर्मचारियों को तुरंत कार्रवाई करने के निर्देश दिए।रिक अस्पताल, नरवाना।
गाड़ी में सवार एकमात्र गांव मिरचहेड़ी के प्रीतम ऐसे व्यक्ति हैं, जिन्हें चोट नहीं आई है। प्रीतम ने बताया कि वह सवा 12 बजे बिधराना गांव के पास पहुंचे थे। वह टाटा मैजिक में पीछे बैठे हुए थे। उसने गाड़ी रुकवाई और आगे की सीट पर बैठ गया। कुछ अन्य लोगों ने भी गाड़ी से नीचे उतर का लघु शंका आदि की। इसके बाद गाड़ी चल पड़ी। एकाएक जोरदार धमाका हुआ और वह खिड़की खुलने के कारण नीचे गिर गए। उसे होश आया तो गाड़ी गड्ढों में पड़ी मिली और चारों तरफ चीख-पुकार मची हुई थी।
इसी समय ट्रॉला चालक भी ट्राले से नीचे उतर गया। दोनों ने यहां से गुजर रही गाड़ियों को रुकवाया और लोगों से मदद मांगी। किसी ने 100 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। 15 मिनट बाद ही मौके पर पुलिस पहुंच गई। कुछ ही देर में स्वास्थ्य विभाग की 8 एंबुलेंस भी आ गईं। सभी को नागरिक अस्पताल नरवाना भिजवाया गया। वह खिड़की से नीचे गिरा, लेकिन उसे कोई चोट नहीं आई।
चारों तरफ बिखर गया सामान
प्रीतम ने बताया कि वह दो-तीन दिन गोगामेड़ी में ही रुकने वाले थे, इसलिए अपने साथ रसोई का सारा सामान, सब्जी, आटा, गैस सिलिंडर लेकर चले थे। कुछ लोग तो गाड़ी में नींद में भी थे।
अपनी मामी के साथ जा रहा था सुखदेव
तरावड़ी निवासी 13 वर्षीय लवली उर्फ सुखदेव अपनी मामी के साथ गोगामेड़ी पूजा के लिए जा रहा था। लवली के घर में उस समेत दो भाई और हैं, जो सेलर में काम करते हैं। लवली के भाई ने बताया कि उसने ऐसा कभी नहीं सोचा था कि इतना बड़ा हादसा हो जाएगा और उनका भाई उनसे इतना दूर चला जाएगा।
मृतक जयपाल के दो लड़के व एक लड़की है। लड़की की शादी हो गई है। जयपाल खेतीबाड़ी का काम करके अपना घर का पालन-पोषण करते थे।
मृतक गुलजार हलवाई का काम करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। परिजनों ने बताया कि वह गोगामेड़ी इसलिए जा रहे थे कि श्रद्धालु रास्ते में जहां पर भी खाना बनाएंगे वह बना देंगे। गुलजार अपने पीछे पत्नी, एक बेटा और एक बेटी छोड़ गए हैं। गुलजार ही घर के एकमात्र कमाने वाले थे।
एसडीएम दलजीत सिंह ने दी सांत्वना
एसडीएम दलजीत सिंह सुबह अस्पताल पहुंचे और मृतकों के परिजनों का ढांढस बंधाया। उन्होंने कहा कि इस सड़क दुर्घटना में इतनी जान गई यह सुनकर उन्हें भी बहुत धक्का लगा। उन्होंने मृतकों के परिजनों से पूछते हुए कहा कि यदि अस्पताल की तरफ से उनको किसी प्रकार की समस्या हो तो तुरंत बताएं। एसडीएम ने पुलिस कर्मचारियों व चिकित्सकों को अपनी संख्या बढ़ाकर कार्रवाई जल्द पूरा करने के लिए कहा है।
रात को चार, सुबह दो चिकित्सकों की लगाई ड्यूटी
रात में सूचना मिलते ही 8 एंबुलेंस मौके पर भेज दी थी। चार चिकित्सकों को ड्यूटी पर लगा दिया है। मरीजों की हालत ज्यादा खराब होने के कारण उनको मरहम-पट्टी करके मेडिकल कॉलेज अग्रोहा के लिए रेफर कर दिया था। सात शवों का पोस्टमार्टम करवाने के लिए दो चिकित्सकों की ड्यूटी लगाई थी। -डॉ. देवेंद्र बिंदलिश, एसएमओ, नाग