शहीद पैरा कमांडो लांस नायक प्रदीप नैन को सोमवार को उनके पैतृक गांव जाजनवाला में हजारों लोगों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी। जैसे ही शहीद का पार्थिव शरीर गांव में पहुंचा तो शहीद प्रदीप नैन अमर रहे, जब तक सूरज चांद रहेगा, प्रदीप तेरा नाम रहेगा जैसे नारे से गूंज उठे। हर किसी की आंखें नम हो गईं।
शहीद की मां रामस्नेही ने कहा कि देश पर अपनी जान न्योछावर कर उनका बेटा अमर हुआ है। शहीद की गर्भवती पत्नी मनीषा ने कहा कि उनको पति की शहादत पर गर्व है। गांव जाजनवाला निवासी प्रदीप नैन 6 जुलाई को जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले के मोदेरगाम क्षेत्र में आतंकवादियों से लोहा लेते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए थे।
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श्मशान घाट में शहीद के पिता को तिरंगा देते हुए सेना के जवान।
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बेटे प्रदीप नैन के पार्थिव शरीर को देखते ही बलवान सिंह की आंखों से आंसू निकल पड़े, लेकिन बेटे की शहादत पर उनके चेहरे पर गर्व के भाव भी थे।
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शहीद प्रदीप नैन की अंतिम यात्रा में पुष्प वर्षा करते ग्रामीण।
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शहीद की बहन मंजूबाला ने कहा कि प्रदीप केवल उनका अकेली का नहीं, बल्कि देश की सभी बहनों का भाई था, देश का भाई देश पर कुर्बान हुआ है। ऐसा भाई मिलना नसीब की बात है।
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प्रदीप नैन
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सेना के विशेष वाहन से शहीद प्रदीप का पार्थिव शरीर पैतृक गांव जाजनवाला लाया गया। हाथों में तिरंगा लिए युवा सेना की गाड़ी के आगे-आगे चल रहे थे।
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शहीद प्रदीप नैन के शव को अंतिम संस्कार के लिए ले जाते हुए सेना के जवान।
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शहीद प्रदीप नैन की मां, पिता, बहन और पत्नी के साथ हजारों लोग पार्थिव शरीर के साथ श्मशान घाट पहुंचे। शहीद के पिता बलवान सिंह ने बेटे की चिता को मुखाग्नि दी।