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DSP died in Accident: साइकिलिंग के शौकीन थे डीएसपी चंद्रपाल, रोजाना करते थे 50 KM सैर, संघर्ष भरी थी जिंदगी...

Sun, 05 Mar 2023 08:01 AM IST
भूपेंद्र सिंह कपिल शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद/हिसार (हरियाणा)
कपिल शर्मा, संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद/हिसार (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Sun, 05 Mar 2023 08:01 AM IST
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DSP died in Accident: DSP Chanderpal was fond of cycling
डीएसपी चंद्रपाल की सड़क हादसे में मौत। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

साइकिलिंग के शौकीन रहे रतिया के डीएसपी चंद्रपाल बिश्नोई की सड़क हादसे में जान चली गई। अग्रोहा के पास वैगन आर की टक्कर लगने से डीएसपी चंद्रपाल का शनिवार शाम को निधन हो गया। डीएसपी चंद्रपाल में साइकिलिंग को लेकर जबरदस्त जुनून था। वह रोजाना 50 किलोमीटर साइकिल चलाते थे और लोगों को भी स्वस्थ रहने के लिए साइकिलिंग के लिए जागरूक करते थे। उनकी सेवानिवृत्ति 2028 में होनी थी।



करीब 53 साल के डीएसपी चंद्रपाल साइकिल चलाते हुए कभी हिसार तो कभी सिरसा तक जाते थे। शनिवार को भी वह रतिया कार्यालय से काम निपटा कर साइकिलिंग करते हुए हिसार के लिए निकले थे और अग्रोहा के पास कार चालक ने टक्कर मार दी। डीएसपी चंद्रपाल के पास पहले ट्रैफिक पुलिस का कार्यभार था। 29 जनवरी को ही उन्हें रतिया के डीएसपी का चार्ज दिया गया था।

DSP died in Accident: DSP Chanderpal was fond of cycling
डीएसपी चंद्रपाल की सड़क हादसे में मौत। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

डीएसपी चंद्रपाल मूलरूप से फतेहाबाद के गांव झलनियां के निवासी थे। फिलहाल वह फतेहाबाद पुलिस लाइन में रह रहे थे, जबकि परिवार हिसार के आजाद नगर स्थित घर में रहता है। डीएसपी चंद्रपाल फिलहाल रतिया के डीएसपी पद पर कार्यरत थे। उन्होंने 29 जनवरी को ही रतिया डीएसपी के तौर पर अपना पद ग्रहण किया था। दिवंगत चंद्रपाल के दो बेटे हैं, दोनों अभी पढ़ाई कर रहे हैं।  

DSP died in Accident: DSP Chanderpal was fond of cycling
डीएसपी चंद्रपाल का फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला

छोटी उम्र हो गया था पिता का निधन, मां और ताऊ ने संभाला
गांव झलनिया के सरपंच के अनुसार डीएसपी चंद्रपाल के पिता स्व. देवीलाल गांव में खेतीबाड़ी करते थे, लेकिन उनका कम उम्र में ही देहांत हो गया था। डीएसपी चंद्रपाल और उनके भाई हरपाल को मां और ताऊ ने ही संभाला है। विषम परिस्थितियों के बीच भी चंद्रपाल पढ़ाई को लेकर गंभीर थे। शुरुआती शिक्षा गांव के सरकारी स्कूल में की। इसके बाद फतेहाबाद से बीए पास की। साल 1994 में मात्र 24 वर्ष की उम्र में उनका हरियाणा पुलिस में चयन हो गया। डीएसपी की मां भी हरपाल के साथ ही गांव झलनियां में रहती हैं।

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अस्पताल में पहुंचे विधायक दुड़ाराम। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

एक महीने में पूरी की थी 10 हजार किलोमीटर की यात्रा
डीएसपी चंद्रपाल का साइकिलिंग के प्रति जोश इस कदर था कि वह दूर दराज के इलाकों में भी साइकिल पर चले जाते थे। करीब तीन महीने पहले उन्होंने एक महीने के दौरान 10 हजार किलोमीटर की साइकिल यात्रा की थी। इस दौरान उन्होंने वैष्णो देवी, सालासर, मुकाम धाम, पोखरण, लोंगोवाल, जैसलमेर व जयपुर जैसे रमणीय व धार्मिक स्थलों की यात्रा साइकिल पर ही की थी।

एएसआई के तौर पर शुरू किया था सफर
डीएसपी चंद्रपाल 1994 में एएसआई के पद पर हरियाणा पुलिस में भर्ती हुए थे। इस दौरान वह प्रदेश के अनेक हिस्सों में अपनी सेवाएं देते रहे। सरकार ने उनको 2013 में डीएसपी के तौर पर पदोन्नति दी थी। वह फिरोजपुर झिरका के भी डीएसपी रह चुके हैं।

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डीएसपी चंद्रपाल की सड़क हादसे में मौत। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

डीएसपी चंद्रपाल के निधन से पूरा गांव शोक संतप्त है। वह बेहद ही शांत स्वभाव के व्यक्ति थे। गांव के हर सुख दुख में हमेशा शरीक होते थे। वह बच्चों को साइकिलिंग करने और स्वस्थ रहने की शिक्षा देते थे। कभी भी उन्होंने किसी का दिल नहीं दुखाया, जिसने भी मदद की गुहार लगाई, उन्होंने उसकी हरसंभव मदद की। -रामचंद्र, सरपंच, गांव झलनिया

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