गोरखपुर में भाजपा नेता व विधायकों ने राजनीति की नई ‘पौध’ तैयार कर दी है। जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह सैंथवार के बेटे शशि प्रताप सिंह और कैंपियरगंज से भाजपा विधायक फतेह बहादुर सिंह के बेटे कुंअर विविश्वान सिंह निर्विरोध क्षेत्र पंचायत सदस्य चुने गए हैं। अगर भाजपा ने टिकट दिया तो दोनों ब्लॉक प्रमुख का चुनाव भी लड़ सकते हैं। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव से पहले भाजपा ने सांसद व विधायक के सगे-संबंधियों को टिकट देने से इंकार किया था। साफ किया कि भाजपा सिर्फ जिला पंचायत वार्डों का चुनाव लड़ेगी। क्षेत्र पंचायत सदस्य या फिर ग्राम प्रधान का चुनाव नहीं लड़ा जाएगा। जिला पंचायत वार्डों का टिकट जारी करते समय पार्टी ने रणनीति बदल दी। इसी का नतीजा रहा कि कैंपियरगंज से भाजपा विधायक फतेहबहादुर सिंह की पत्नी साधना सिंह को चुनाव मैदान में उतारा गया। पार्टी की रणनीति कामयाब भी रही है। साधना ने निकटतम प्रतिद्वंदी को चुनाव में हरा दिया है।
Exclusive: भाजपा नेता व विधायकों ने तैयार की राजनीति की नई ‘पौध’, इन्हें मिली शानदार जीत
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जिला पंचायत अध्यक्ष की दावेदारी कर सकती हैं साधना
कैंपियरगंज क्षेत्र के वार्ड नंबर-19 से साधना सिंह ने जिला पंचायत सदस्य का चुनाव बड़े अंतर से जीत लिया है। साधना 2010 से 2015 तक गोरखपुर की जिला पंचायत अध्यक्ष रह चुकी हैं। इस बार जिला पंचायत अध्यक्ष की सीट सामान्य है। माना जा रहा है कि साधना जिला पंचायत अध्यक्ष पद की दावेदारी भी कर सकती हैं। साधना पूर्व मुख्यमंत्री वीर बहादुर सिंह की बहू हैं। राजनीति का लंबा अनुभव भी है।
कुंअर विविश्वान का निर्विरोध निर्वाचन
पार्टी ने क्षेत्र पंचायत सदस्य का टिकट किसी को नहीं दिया था। लिहाजा, भाजपा विधायक फतेह बहादुर सिंह के बड़े बेटे कुंअर विविश्वान सिंह ने कैंपियरगंज विकास खंड के वार्ड नंबर-31 राजपुर गांव से क्षेत्र पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ने का फैसला किया। विविश्वान ने जिस क्षेत्र से दावेदारी की, वहां से दूसरा प्रत्याशी चुनाव मैदान में नहीं आया। अब विविश्वान को निर्विरोध क्षेत्र पंचायत सदस्य का प्रमाण पत्र मिल गया है। वह ब्लॉक प्रमुख का टिकट भी मांग सकते हैं।
नीता सिंह कर सकती हैं ब्लॉक प्रमुख की दावेदरी
ग्रामीण क्षेत्र से भाजपा विधायक विपिन सिंह की पत्नी नीता सिंह ने कौड़ीराम विकास खंड के वार्ड नंबर-76 से क्षेत्र पंचायत सदस्य के लिए नामांकन कराया था। नीता ने जिस क्षेत्र से दावेदारी की थी, वहां से दूसरा कोई प्रत्याशी नामांकन कराने सामने नहीं आया। लिहाजा, प्रशासन की तरफ से नीता को निर्विरोध निर्वाचन का प्रमाण पत्र भी दे दिया गया। नीता 2005 से 2010 तक कौड़ीराम विकास खंड की ब्लॉक प्रमुख रह चुकी हैं। इस बार टिकट की दावेदारी कर सकती हैं। अगर भाजपा ने टिकट दिया तो वह दोबार ब्लॉक प्रमुख बन सकती हैं।
भाजपा जिलाध्यक्ष की पत्नी भी ब्लॉक प्रमुख की दावेदार
भाजपा के जिलाध्यक्ष युधिष्ठिर सिंह सैंथवार ने पत्नी मीना सिंह और बेटे शशि प्रताप सिंह को चुनाव मैदान में उतारा था। दोनों ने पाली विकास खंड से क्षेत्र पंचायत सदस्य का नामांकन कराया और जीत भी मिल गई है। जिलाध्यक्ष की पत्नी मीना सिंह ने वार्ड नंबर 15 से चुनाव लड़ा था। मतगणना के बाद नतीजा मीना के पक्ष में आया है। मीना बिड़ार गांव की लंबे समय तक प्रधान रही हैं। निवर्तमान प्रधान के रूप में ही क्षेत्र पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ा था। मीना को भी पाली विकास खंड से ब्लॉक प्रमुख का दावेदार बताया जा रहा है।