विज्ञान के अनुसार ग्रहण भले ही एक छोटी सी खगोलीय घटना हो, लेकिन ज्योतिष में ग्रहण का बहुत महत्व है। 21 जून को साल का पहला सूर्य ग्रहण लगने जा रहा है, जो हर मायने में खास होगा। सूर्य ग्रहण के समय ग्रह एवं नक्षत्रों का ऐसा संयोग बनने जा रहा है, जो पिछले 500 वर्षों में नहीं बना।
Surya Grahan 2020: 500 साल बाद बन रहा है सूर्य ग्रहण पर अद्भुत संयोग, जानिए कैसा होगा इसका असर
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इस दिन एक और खगोलीय घटना होने वाली है, जिसमें सूर्य कर्क रेखा के ठीक ऊपर आ जाएगा। ये साल का सबसे बड़ा दिन भी होगा। सदी का दूसरा ऐसा सूर्य ग्रहण है, जो 21 जून को हो रहा है। इससे पहले 2001 में 21 जून को सूर्य ग्रहण हुआ था।
छह ग्रहों के वक्री होने से ग्रहण खास होगा
ज्योतिषाचार्य राजन ने बताया कि यह ग्रहण राहु ग्रस्त है। मिथुन राशि में राहु सूर्य व चंद्रमा को पीड़ित कर रहा है। मंगल जल तत्व की राशि मीन में है और मिथुन राशि के ग्रहों पर दृष्टि डाल रहा है। इस दिन बुध, गुरु, शुक्र और शनि वक्री रहेंगे। राहु और केतु हमेशा वक्री ही रहते हैं। इन छह ग्रहों की स्थिति के कारण ये सूर्य ग्रहण और भी खास हो गया है।
12 में से 8 राशियों के लिए अशुभ है ग्रहण
पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार ग्रहण वैसे तो किसी भी राशि के लिए ठीक नहीं होता है लेकिन वृष, मिथुन, कर्क, तुला, वृश्चिक, धनु, कुंभ और मीन राशि वालों के लिए सूर्य ग्रहण अशुभ रहेगा। वहीं मेष, मकर, कन्या और सिंह राशि वालों के लिए ये ग्रहण सामान्य रहेगा।
सूर्य ग्रहण का पड़ेगा बुरा असर
ज्योतिषाचार्य पंडित जोखन पांडेय ने बताया कि देश में सूर्य ग्रहण का अशुभ असर देखने को मिलेगा। इस ग्रहण पर मंगल की दृष्टि पड़ने से देश में आगजनी, विवाद और तनाव की स्थितियां बन सकती हैं। आषाढ़ महीने में इस ग्रहण के होने से उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली पर इसका विशेष असर देखने को मिलेगा।