उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ के आवास गोरखनाथ मंदिर में एक नया उत्तराधिकारी आ गया है। यह उत्तराधिकारी है मुख्यमंत्री के प्रिय कालू का, जिसका नाम है गुल्लू। रविवार को जब मुख्यमंत्री अपने गोरखपुर दौरे पर थे, गोरखनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना की और जब वो बाहर आए तो काला लैब्राडोर कुत्ता गुल्लू उनका अभिवादन करने के लिए दौड़ पड़ा। उन्होंने गल्लू को देखते ही प्यार, दुलार किया और उसे आहार भी खिलाया। इस दौरान मंदिर परिसर में मौजूद लोगों ने जमकर तस्वीरें क्लिक कीं।
गोरखनाथ मंदिर में रविवार की सुबह मुख्यमंत्री की दिनचर्या परंपरागत रही। तड़के पांच बजे उन्होेंने सबसे पहले बाबा गोरखनाथ के दरबार में हाजिरी लगाई और उनकी पूजा-अर्चना की। उसके बाद अपने गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ के समाधि स्थल पर जाकर उनका आशीर्वाद लिया। हमेशा की तरह मंदिर परिसर का भ्रमण किया।
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सीएम योगी का पालतू कुत्ता गुल्लू।
- फोटो : अमर उजाला।
गोरखनाथ मंदिर में सीएम योगी को देखते ही एक कुत्ता उनके पास दौड़ा चला आया। सीएम को देखकर अठखेलियां करने लगा। सीएम योगी ने भी कुत्ते को पुचकारा और दुलार किया। सीएम योगी ने पालतू कुत्ते 'गुल्लू' को बिस्किट खिलाया। सीएम योगी संग गुल्लू की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। रविवार को कुछ ही देर में सीएम योगी का पालतू कुत्ता गुल्लू सोशल मीडिया पर छा गया। दरअसल गोरखनाथ मंदिर में ब्लैक लैब्राडोर कुत्ता 'गुल्लू' इन दिनों सेलिब्रिटी बना हुआ है।
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सीएम योगी का लाडला है कालू डॉगी।(फाइल)
- फोटो : अमर उजाला।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास पहले से एक कालू नाम का काला कुत्ता है। सीएम जब भी गोरखपुर में आते हैं और मंदिर में प्रातः भ्रमण के लिए निकलते हैं तो वह कालू को प्यार से पुचकारते हैं। कालू भी योगी को देखकर विशेष अंदाज में उनका अभिवादन करता है।
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सीएम योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : अमर उजाला।
बताया जाता है कि जब योगी आदित्यनाथ सांसद थे तो उसी दौरान दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर नाथ सम्प्रदाय को मानने वाले एक भक्त ने योगी को लेब्राडोर नस्ल का एक पिल्ला तोहफे में दिया था।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।(फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला।
योगी ने कुछ दिन तक इसे वहीं दिल्ली के आवास पर ही रखा था, लेकिन वापस गोरखपुर आते समय उसे भी साथ में गोरखपुर लेते आए। यहीं उसका नाम कालू पड़ा। योगी जब सांसद थे तो सुबह शाम कालू को भोजन भी खुद ही कराते थे।